चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के छात्रावासों में अचानक टीमें चेकिंग कर सकती हैं। इसके लिए पीयू प्रशासन योजना बना रहा है। यदि बाहरी लोग किसी भी छात्र के कमरे में मिले तो कार्रवाई होगी। साथ ही वार्डन भी कार्रवाई के घेरे में आएंगे।
पीयू में कोरोना के बाद से शोधार्थियों और पीजी के विद्यार्थियों को बुलाया जाने लगा। 1500 से अधिक विद्यार्थी इस समय छात्रावासों में रह रहे हैं। हर छात्र को एक कमरा आवंटित किया गया है, ताकि कोरोना का प्रसार न हो सके। कोरोना के दिशानिर्देशों के पालन के लिए भी कहा गया है। हर छात्रावास में 50 से 100 विद्यार्थी रह रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि अधिकारियों को सूचना मिली है कि रात को कुछ छात्रावासों में बाहरी लोग आ रहे हैं। कुछ रात को रुकते हैं तो कुछ आधी रात के बाद चले जाते हैं। इस समय कोरोना के नए स्वरूप का खतरा है। इसी को देखते हुए पीयू औचक छापे मारने की योजना बना रही है। इसके लिए टीमें बनाई जाएंगी। इसी सप्ताह में यह कार्रवाई हो सकती है। इसके अलावा वार्डनों को भी कार्रवाई के दायरे में रखा जाएगा। सुरक्षा पर भी सवाल खड़े होंगे, क्योंकि आने-जाने वाले लोगों से पूछना है कि उनका छात्रावासों में आने का उद्देश्य क्या है। कई मानकों की जांच होगी। छापों के दौरान पुलिस की भी मदद ली जाएगी।