अब अगर किसी विभाग में कोई भी जूनियर कर्मचारी और अधिकारी रिश्वत लेते पकड़ा जाएगा या भ्रष्टाचार में संलिप्त पाया जाएगा तो इसके लिए उस विभाग का प्रमुख (एचओडी) भी जिम्मेवार होगा।
यह निर्णय प्रशासन की ओर से पिछले सप्ताह सीबीआई की ओर से आर्थिक अपराध शाखा के डीएसपी और सब इंस्पेक्टर के 40 लाख रुपये की रिश्वत के मामले में पकड़े जाने के बाद लिया गया है।
प्रशासन ने फैसला लिया है कि अब आरोपी कर्मचारी के साथ ही सीनियर अधिकारी को भी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। मालूम हो कि डीएसपी रामचंद्र मीणा और सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह के गिरफ्तार होने के बाद सीबीआई ने सीनियर अधिकारी के भी संलिप्त होने की आशंका जताई है।
इसके बाद प्रशासक के सलाहकार विजय देव ने सभी विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक में यह निर्णय लिया। सलाहकार ने अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया है कि अगर किसी कर्मचारी को सीबीआई और विजिलेंस की टीम कार्यालय के किसी काम के लिए रिश्वत के मामले में गिरफ्तार करती है तो तत्काल प्रभाव से उसके सीनियर की जिम्मेवारी तय की जाएगी।
हालांकि यह निर्णय आर्थिक अपराध शाखा में पकड़े गए अधिकारियों के मामले में लागू नहीं होगा। सलाहकार विजय देव ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि सीनियर की जिम्मेवारी फिक्स की जाएगी।
क्यों चल रहे ऑटो, जांच होनी चाहिए
फासवेक अध्यक्ष बलजिंद्र सिंह बिट्टू का कहना है कि इस समय शहर में हजारों आटो बेधड़क सड़कों पर दौड़ रहे हैं। जिनमे से कई चालकों के पास लाइसेंस भी नहीं है। इनके कारण सड़कों पर जाम लगते हैं।
उनका कहना है कि शहर में जगह जगह जगह ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी तैनात हैं लेकिन फिर भी आटो की संख्या बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि प्रशासन को इसकी भी जांच करनी चाहिए। उनका कहना है कि वह इस मामले को प्रशासन की ओर से बुलाई गई सलाहकार समिति की बैठक में भी उठाएंगे।
नहीं बनी टीम
पिछले साल जब सेक्टर-34 के तत्कालीन प्रभारी राजेश शुक्ला को सीबीआई ने बुडै़ल चौकी से रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया था तो उस समय पुलिस विभाग ने कहा कि था कि वह अपने स्तर पर एक टीम गठित करेगा जो समय -समय पर छापा मारकर अपने विभाग में रिश्वत लेने वाले कर्मचारियो को पकड़ेगा। लेकिन अभी तक किसी टीम का गठन नहीं किया गया। उधर, हाउसिंग बोर्ड में सीबीआई ने पिछले दिनों एक सहायक को भी गिरफ्तार किया गया तो उसको बोर्ड ने निलंबित कर दिया।
कर्मचारी रिश्वत मांगे तो मना मत करो
नगर निगम की कमिश्नर भावना गर्ग ने दिल्ली की तर्ज पर रिश्वत खोर कर्मचारियों को पकड़वाने की अपील की है। कमिश्नर ने बुधवार को जारी अपील में शहरवासियों से कहा है कि नगर निगम का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगे तो उसे मना मत कीजिए, चुपचाप उसकी वीडियो एवं आडियो रिकार्ड कर लें और उसको ई-मेल कर दें।
भावना गर्ग ने इसके लिए अलग से ई-मेल आईडी भी बनाई है जिसे वह खुद ही खोलेंगी। इस ईमेल आईडी vigilancemcc@gmail.com पर रिश्वत संबंधी सबूत, शिकायत और वीडियो भेजे जा सकते हैं। नगर निगम ने इस अपील के पोस्टर भी प्रिंट करवाए हैं। यह पोस्टर सभी कर्मचारियों और पब्लिक डीलिंग वाले सीटों पर चिपकाए जाएंगे।
इसके साथ ही यह पोस्टर के सार्वजनिक स्थलों पर भी लगाए जाएंगे। दिल्ली में भी सार्वजनिक स्थलों पर इस तरह के पोस्टर चिपकाए गए हैं, जहां पर लोगों से रिश्वतखोर अधिकारियों की वीडियो बनाने की अपील की गई है। सीबीआई द्वारा 40 लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किए गए डीएसपी और सब इंस्पेक्टर के बाद प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
कमिश्नर भावना गर्ग का कहना है कि इस माध्यम से हम लोगों के साथ मिलकर सभी भ्रष्ट अधिकारी एवं कर्मचारियों को रंगे हाथ पकड़ेंगे और कानूनी आधार पर उपयुक्त सजा दिलवाएंगे।