- रामलीला मैदान में हुई चेतावनी रैली, कर्मचारियों ने दिया सरकार को अल्टीमेटम
फोटो सहित
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पुरानी पेंशन बहाली, ठेका कर्मियों को नियमित करने, निजीकरण पर रोक, खाली पदों को भरने, आठवें वेतन आयोग का गठन, 18 महीने के बकाया डीए व डीआर की मांगों को लेकर केंद्र व राज्यों के कर्मचारियों ने हुंकार भरी। शुक्रवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई चेतावनी में पहुंचे हजारों कर्मचारियों ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर 15 दिनों में उनकी मांगों पर गौर नहीं किया तो वे देशव्यापी हड़ताल करेंगे।
रैली की अध्यक्षता अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा, रुपक सरकार, सीएन भारती, अशोक थूल व के राजेंद्रन ने संयुक्त तौर पर की। रैली में जम्मू-कश्मीर से कन्याकुमारी तक सभी राज्यों के हजारों की तादाद में कर्मचारियों ने भाग लिया।
सीआईटीयू के महासचिव का. तपन सेन ने कहा कि देशभर के कर्मचारियों ने निरंतर आंदोलन कर पुरानी पेंशन बहाली को राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। इस वजह से संसद में पीएफआरडीए एक्ट काे पारित करने वाले दल भी पुरानी पेंशन बहाली करने का ऐलान कर रहे हैं। उन्होंने सीटू की ओर से कर्मचारियों की रैली और मांगों का पुरजोर समर्थन किया। रैली का आह्वान अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ, कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्पलाइज एंड वर्कर्स, स्कूल टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया और अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन ने संयुक्त तौर पर किया था।
सुभाष लांबा ने कहा कि सरकार के पास पूंजीपतियों के लाखों करोड़ कर्ज़ को राइट आफ करने, विभिन्न प्रकार के टैक्सों को माफ करने, कार्पोरेट टैक्स 30 से घटाकर 22 प्रतिशत करने के लिए पर्याप्त धन है। लेकिन पुरानी पेंशन बहाली, ठेका कर्मियों की रेगुलराइजेशन, खाली पदों को भरने, 18 महीने के बकाया डीए-डीआर का भुगतान करने के लिए धन नहीं है।