देवीलाल मेमोरियल ट्रस्ट सिरसा को मात्र 30 लाख रुपये तक प्रशिक्षण का काम दिया गया, जबकि निजी सोसायटियों को करोड़ों रुपये के कार्य दिए गए। एसीबी अब यह जांच कर रही है कि आखिरकार किस आधार पर ये कार्य बांटे गए। एसीबी को आशंका है कि कार्यों का आवंटन मोटी रकम के दम पर तय हुआ।
तीन व्यक्तियों की 13 कंपनियां
जांच में ये भी सामने आया है कि कुल 38 सोसायटियों में से 13 सोसायटी तीन व्यक्तियों की हैं। तीन व्यक्तियों ने अलग-अलग नाम से सोसायटी बना रखी हैं और मिलीभगत करके करोड़ों रुपये के कार्य ले लिए। इसके अलावा, तीन सोसायटी एक ही व्यक्ति, दो सोसायटी एक व्यक्ति की हैं। अब एसीबी और मुख्यमंत्री उड़नदस्तों की टीम ने इनके मालिकों को लेकर दस्तावेज खंगालने शुरू कर दिए हैं।
इन चार सोसायटियों को दोनों स्कीमों में मिले करोड़ों
| सोसायटी |
29 नंवबर को जारी राशि |
11 जनवरी को जारी राशि |
| शिव एजुकेशन सोसायटी |
46482800 |
50131200 |
| लाला कुंदन लाल मेमोरिएल सोसायटी |
15493800 |
50488200 |
| एडूज्वाइन ट्रेनिंग फाउंडेशन |
60889920 |
54595800 |
| सीपीआईटी एजूटेक प्राइवेट लिमिटेड |
44486400 |
38552220 |
बढ़ती जा रही दहिया की मुश्किलें
आईएएस विजय दहिया की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। एक तो मिशन में 10 प्रतिशत रिश्वत का खुलासा हो चुका है और मुख्यमंत्री उड़न दस्तों की छापेमारी में प्रशिक्षण केंद्रों में भी बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। केवल खानापूर्ति के लिए प्रशिक्षण दिखाया जाता था और सेटिंग के तहत बिल पास कराए जाते थे। अब कंपनियों को धड़ाधड़ अलॉट किए 93 करोड़ रुपये के कार्यों का खुलासा होने से भी उनकी परेशानी बढ़ना तय है। एसीबी के अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच की जा रही है।