फरीदाबाद नगर निगम में हुए 200 करोड़ के घोटाले के मामले में हरियाणा द्वारा विजिलेंस को पूछताछ की अनुमति देने और विजिलेंस द्वारा समन करने के आदेश को त्रिपुरा कैडर की आईएएस अधिकारी सोनल गोयल ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने सोनल को बिना कोई राहत दिए सुनवाई शुक्रवार तक स्थगित कर दी है।
सोनल ने याचिका में बताया कि फरीदाबाद निगम में घोटाले की बात कह विजिलेंस ब्यूरो ने अप्रैल 2022 में एफआईआर दर्ज की थी। याची सहित अन्य कर्मियों व अधिकारियों से पूछताछ के लिए जून 2022 में अनुमति मांगी गई। हरियाणा सरकार ने बिना देरी और बिना याची का पक्ष सुने जुलाई में याची से पूछताछ के लिए विजिलेंस को अनुमति दे दी।
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सोनल ने याचिका में बताया कि उस पर आरोप है कि नगर निगम फरीदाबाद में रहते हुए ठेकेदारों को बिना किसी कार्य भुगतान किया गया। यह मामला विधानसभा में उठने के बाद विजिलेंस हरकत में आई थी और जांच को तेजी से आगे बढ़ाना आरंभ कर दिया।
विजिलेंस इस मामले में दो चीफ इंजीनियर, ठेकेदार, अकाउंट और ऑडिट ब्रांच के बड़े अधिकारियों को गिरफ्तार कर चुकी है। याचिका में अपील की गई है कि याची से पूछताछ के लिए विजिलेंस को हरियाणा सरकार द्वारा दी गई मंजूरी व विजिलेंस द्वारा पूछताछ के लिए जारी समन आदेश को रद्द किया जाए।
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