आईएएस अधिकारी रानी नागर। ( फाइल फोटो)
हरियाणा कैडर की आईएएस अधिकारी रानी नागर को सरकार ने त्यागपत्र वापसी के बाद सोमवार को नई नियुक्ति दे दी। उन्हें अतिरिक्त सचिव, नागरिक संसाधन सूचना विभाग लगाया गया है। उन्होंने चार मई, 2020 को आईएएस से त्यागपत्र दे दिया था।
हरियाणा कैडर की 2014 बैच की अधिकारी रानी नागर का इस्तीफा स्वीकार होता, इससे पहले उन्होंने अक्तूबर में उसे वापस ले लिया था। बीते 11 नवंबर से सरकार ने उन्हें नई तैनाती के लिए प्रतीक्षा में रखा था।
इस्तीफा देने के बाद प्रदेश सरकार ने रानी नागर का कैडर हरियाणा से बदलकर उनके गृह राज्य उत्तर प्रदेश करने की सिफारिश भी की थी। रानी ने अपना त्यागपत्र मई माह में तत्कालीन मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा को भेजा था, जिसमें इसका कारण सरकारी ड्यूटी के दौरान निजी सुरक्षा को खतरा बताया था।
उन्होंने त्यागपत्र की प्रति अपने निजी फेसबुक और ट्विटर अकाउंट पर भी अपलोड कर की थी। इसके बाद उन पर केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, उत्तर प्रदेश के अनेक नेताओं व करीबियों ने इस्तीफा वापस लेने का दबाव बनाया था।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया, राज्य सरकार आईएएस अधिकारी के इस्तीफे के बाद यह सुनिश्चित करती है कि उस पर किसी प्रकार की कोई विभागीय कार्रवाई या जांच आदि लंबित न हो। सरकार के प्रति किसी प्रकार की कोई देनदारी लंबित न हो, इसके बाद त्यागपत्र के मामले में राज्य सरकार अपनी अनुशंसा केंद्र सरकार को भेजती है।