यूटी से बीती 8 मार्च को ट्रांसफर किए गए चार आईएएस में से एक कशिश मित्तल ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) में अपने तबादला आदेश के खिलाफ याचिका दायर की है। अरुणाचल प्रदेश गोवा मिजोरम यूनियन टेरिटरी (एजीएमयूटी) कैडर के आईएएस कशिश मित्तल ने ट्रिब्यूनल में दायर याचिका में इस ट्रांसफर को समय से पहले और आईएएस रूल्स के विपरीत बताया है।
याचिका पर सुनवाई करते हुए ट्रिब्यूनल ने ट्रांसफर आदेश पर तत्काल स्टे लगाने से फिलहाल इंकार कर दिया है। हालांकि प्रतिवादी पक्ष स्थानीय प्रशासन और गृह मंत्रालय को नोटिस जारी कर 28 मार्च तक जवाब दाखिल करने को कहा है।
ट्रिब्यूनल में दायर याचिका में मित्तल ने स्थानीय प्रशासन और मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स (एमएचए) पर ट्रांसफर प्रक्रिया का पालन न करने की बात कही है। उनका कहना है कि वर्ष 2014 में डिपार्टमेंट ऑफ पर्सोनल एंड ट्रेनिंग की ओर से संशोधित आईएएस कैडर अप्वाईंटमेंट रुल्स के तहत राज्य या केंद्र सरकार आईएएस अधिकारी को उनकी सर्विस का न्यूनतम कार्यकाल पूरा होने से पहले सिविल सर्विसेज बोर्ड की सिफारिशों पर ही ट्रांसफर कर सकती हैं। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के तहत बोर्ड को ट्रांसफर करने से पहले संबंधित आईएएस से सहमति लेना जरूरी है।
मित्तल के अनुसार बोर्ड ने न तो उनसे राय ली और ही समय से पहले उनके ट्रांसफर का कोई कारण बताया। वहीं, याचिका में मित्तल ने सुप्रीम कोर्ट की वर्ष 2014 की एक रूलिंग को आधार बनाते हुए कहा है कि बिना किसी ठोस कारण के किसी आईएएस अधिकारी को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता।
बता दें कि आईएएस कशिश मित्तल चंडीगढ़ में बतौर एडिशनल डिप्टी कमिश्नर तैनात थे। पिछले सप्ताह ही गृह मंत्रालय ने उन्हें यूटी से ट्रांसफर कर अरुणाचल प्रदेश भेजा है। मित्तल के पास रजिस्ट्रेशन एंड लाइसेंसिंग अथारिटी इंजार्च, एडिशनल एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर, डायरेक्टर हॉस्पिटेलिटी, सेक्रेटरी स्टेट ट्रांसपोर्ट अथारिटी और ज्वाइंट इलेक्ट्रोरल अफसर का पद भी था। कशिश मित्तल का कार्यकाल शहर में सितंबर तक था। वह यूटी से रिलीव भी हो चुके हैं।