रूल-9 के अंतर्गत नॉन कैडर अफसर को कैडर पद पर अधिकतम तीन माह के लिए अस्थायी तौर पर तभी नियुक्ति दी जाएगी जब कोई उपयुक्त कैडर अफसर उपलब्ध न हो। इसके बाद भी अगर नॉन कैडर अधिकारी को किसी कैडर पद पर नियुक्त करना है तो केंद्र सरकार की पूर्व अनुमति जरूरी है। छह माह से अधिक नियुक्ति के लिए यूपीएससी की सलाह भी लेनी होगी।
खेमका ने लिखा है कि सिविल सर्विस बोर्ड के संवैधानिक कार्य व क्रिया कलाप के साथ अन्याय हो रहा है। इसके सदस्य मूकदर्शक बनकर कार्य कर रहे है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (1) व प्रधान सचिव (12) के कुल 13 कैडर पदों पर 26 अतिरिक्त मुख्य सचिव व प्रधान सचिव कार्य कर रहे हैं। इनमें से कुछ पद पर कार्य बोझ चंद घंटों का ही है।
खेमका ने मुख्य सचिव को दिए ये सुझाव
- सिविल सर्विस बोर्ड को क्रियाशील किया जाए। सीएम को आईएएस सिविल सर्विस रूल्स के संशोधन की जानकारी उनके प्रधान सचिव के जरिए दी जाए।
- कैडर पदों पर नॉन कैडर अफसरों को बिना प्रक्रिया पूरी किए न नियुक्त किया जाए। एचपीएससी अध्यक्ष आलोक वर्मा व आईआरएस योगेंद्र चौधरी के केस केंद्र सरकार को विचार के लिए भेजे जाएं।
- आईपीएस शत्रुजीत कपूर व आईएफएस एमडी सिन्हा को अगर वर्तमान पदों पर तीन माह से अधिक समय तक लगाना है तो उनके मामले भी मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजें।