आईएएस अशोक खेमका एक बार फिर से चर्चा में है। उन्होंने ट्वीट करके अपने दिल का दर्द बयां किया और हुड्डा पर करारा तंज कसा। ढींगरा आयोग की रिपोर्ट को लेकर हरियाणा सरकार की सक्रियता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने के तत्काल बाद खेमका का यह ट्वीट अहम माना जा रहा है। उन्होंने ट्वीट के तौर पर तंज कसा है।
इसमें उन्होंने कहा है कि जब मुझे प्रताड़ित किया गया, उस समय मैं तो कोर्ट नहीं गया। खेमका ने ट्वीट में बहुत खुलकर कुछ नहीं कहा है, लेकिन जो कहा है उससे साफ है कि उन्हें वे दिन याद आ गए हैं, जब तीन अफसरों की कमेटी बनाकर उस कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर उन्हें चार्जशीट किया गया था। उस दौर को याद करते हुए खेमका ने पूर्व सीएम हुड्डा पर परोक्ष रूप से निशाना साधा है।
मैंने भी प्रताड़ना झेली, तब मैं तो कोर्ट नहीं गया
अशोक खेमका
खेमका ने अपने ट्वीट में कहा है कि जब मैंने लाइसेंस, कालाबाजारी और भू-घोटाले उजागर किए थे, उस समय जो प्रताड़ना मैंने झेली थी, तब मैं तो कोर्ट नहीं गया। उस समय में मेरी कर्तव्यनिष्ठा और मेरे अंदर के सच ने मेरे डर और लालच पर काबू पा लिया था।
खेमका के इस ट्वीट का आशय साफ है कि हरियाणा की पूर्ववर्ती हुड्डा सरकार के कार्यकाल में उन्हें वाड्रा-डीएलएफ लैंड डील का म्यूटेशन रद करने के मामले में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपनी ड्यूटी के कारण कभी कोर्ट की ओर से रुख नहीं किया।
अब जब मौजूदा भाजपा सरकार इस लैंड स्कैम की जांच करने वाले ढींगरा आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की बात कह चुकी है तो आखिर हुड्डा क्यों हाईकोर्ट की शरण में पहुंच गए।
Did not go to Court when faced with your wrath for exposing license blackmarketing & land scams. Duty & truth conquered my fear and greed.
— Ashok Khemka, IAS (@AshokKhemka_IAS) November 24, 2016