आठ अक्तूबर को चंडीगढ़ में वायुसेना दिवस मनाया जाएगा। इस दिन वायुसेना प्रमुख भारतीय वायुसेना की नई युद्धक वर्दी के नए पैटर्न का अनावरण करेंगे। वायुसेना दिवस 1932 में भारतीय वायु सेना के आधिकारिक रूप से शामिल होने का प्रतीक है। हर साल यह दिन आठ अक्तूबर को भारतीय वायुसेना प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में मनाया जाता है। अभी तक इस कार्यक्रम का आयोजन गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस में किया जाता रहा है। मगर पहली बार वायुसेना दिवस चंडीगढ़ में मनाया जाएगा।
भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी ने कहा कि आठ अक्तूबर की सुबह वायुसेना स्टेशन पर परेड होगी। इस अवसर पर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी वायुसेना कर्मियों के लिए नई युद्धक वर्दी का अनावरण करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे पास पहले से ही एक युद्धक वर्दी है लेकिन पैटर्न को डिजिटल छलावरण नामक चीज में बदल दिया जाएगा।
80 विमान लेंगे हिस्सा
वायुसेना दिवस पर एयर शो का आयोजन चंडीगढ़ की सुखना झील पर किया जाएगा। एक अधिकारी ने बताया है कि शनिवार दोपहर सुखना झील पर फ्लाईपास्ट और प्रदर्शनों में करीब 80 हेलीकॉप्टर और परिवहन विमान हिस्सा लेंगे। हालांकि चेतक, चीता हेलीकॉप्टर, परिवहन विमान एवरो और डोर्नियर फ्लाईपास्ट का हिस्सा नहीं होंगे।
तीन प्रचंड भी होंगे समारोह का हिस्सा
हाल ही में शामिल स्वदेशी निर्मित तीन हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड फ्लाईपास्ट का हिस्सा होंगे। सेखों फॉर्मेशन को यहां दिखाया जाएगा। यह फॉर्मेशन भारतीय वायुसेना अधिकारी और परम वीर चक्र विजेता निर्मलजीत सिंह सेखों को समर्पित है। फॉर्मेशन में राफेल, तेजस, जगुआर और मिराज 2000 विमान शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि ग्लोब फॉर्मेशन में एक सी-17 भारी भरकम विमान और सूर्य किरण डिस्प्ले टीम के नौ हॉक-132 शामिल होंगे। एकलव्य फॉर्मेशन का नेतृत्व चार अपाचे हेलिकॉप्टरों के साथ एमआई-35 अटैक हेलीकॉप्टर करेगा जबकि बिग बॉय फॉर्मेशन में एक आईएल-76 और दो एएन-32 विमान शामिल होंगे।