हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने कहा कि वे मेलजोल बढ़ाने वालों में से हैं, कम करने वालों में से नहीं। वरिष्ठ इनेलो नेता आज सुबह चंडीगढ़ स्थित अमर उजाला के दफ्तर पहुंचे थे।
बेहद सादे शब्दों में बातचीत शुरू करते हुए अभय ने कहा कि अगली बार वे बिना परमिशन, बिना औपचारिकता अमर उजाला दफ्तर आएंगे। अखबार से तो उनका शुरू का नाता है, उनकी सुबह की शुरुआत ही अखबार पढऩे से होती है।
आढ़ती, किसान का था एटीएम कार्ड
अभय चौटाला ने बताया कि पहले किसान को आढ़ती से पैसा मिलता था। देर-सवेर, सुख-दुख में किसान आढ़ती के पास जाकर फसल का पैसा आने पर लौटाने की बात कहकर उधार ले लेता था।
'अब किसान और आढ़ती का रिश्ता ही खत्म हो जाएगा'
अभय चौटाला
- फोटो : अमर उजाला
यह कह सकते हैं कि आढ़ती, किसान का एटीएम कार्ड था लेकिन नई व्यवस्था के अंतर्गत अब किसान और आढ़ती का रिश्ता ही खत्म हो जाएगा। किसान फसल बेचकर आएगा पहले यह पैसा बैंक में जमा होगा, बैंक अपनी रिकवरी करेगा बचेगा तो ही किसान को पैसा मिलेगा।
इस हिसाब से आनलाइन की जो नई स्कीम है वह कुछ सही नहीं लगी। किसान के पास खर्चने के लिए पैसा ही नहीं है। अब तो नमी का पैसा भी कटता है और धान को सुखाने का भी। ऐसे में तो किसान घाटे में रह गया।
अभय का कहना है कि इस बात को लेकर उन्होंने सीएम मनोहर लाल खट्टर से बात भी की लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया, उल्टा वे मिलर्स के पक्ष में खड़े रहे।
'बुरे दिन पूछकर नहीं आते..कांग्रेस का आखिरी समय चल रहा है'
अभय चौटाला
- फोटो : अमर उजाला
यह पूछने पर कि पिछले दिनों जो कांग्रेसियों के आपस में झगड़े हुए कि कैप्टन अभिमन्यु को तो आईसीयू तक में भर्ती होना पड़ गया उसका क्या कारण है, अभय ने कहा - बुरे दिन पूछकर नहीं आते। कांग्रेस का आखिरी समय चल रहा है। एक ही पार्टी में यह हाल है।
खाप पंचायतों पर भी बोले अभय चौटाला
अभय चौटाला ने कहा, खाप पंचायतें तो केवल तब बोलती हैं जब किसी बुजुर्ग के मृत्यु भोज पर दिखावे के लिए कर्जा लेकर खर्च किया जाता है। उनका कहना है कि यदि खर्च करना भी है तो आने वाले रिश्तेदारों को चाय-पानी पिलाकर बाकी पैसा कोई स्कूल का कमरा बनवाने पर खर्च करें ताकि जिसका लंबे समय तक लोगों को फायदा मिल सके।
अपने पिता के स्वास्थ्य के बारे में सवाल पूछने पर अभय ने कहा, कि उनके पिता लोहे के बने हैं। जल्द वे सबके सामने होंगे, आज भी उनकी याददाश्त इतनी अच्छी है कि आप यदि उनसे मिले हैं तो बीस साल बाद भी उनके सामने चले जाएं आपको नाम से पुकारेंगे।