चंडीगढ़। जून 2018 में मनीमाजरा थाने में दर्ज दहेज हत्या के मामले में बुधवार को एडिशनल सेशन जज की कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने मामले में नामजद मृतका के पति मनीमाजरा निवासी सुकांत चावला को गवाहों के बयान व सबूतों के आधार पर दोषी करार देते हुए सात साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना लगाने की सजा सुनाई। सप्ताह पहले ही सुकांत को कोर्ट ने आईपीसी की धारा 304बी और 498ए के तहत दोषी करार दिया था।
दरअसल, अमरावती एन्क्लेव पंचकूला निवासी रघुबीर सिंह ने पुलिस काे दी शिकायत में बताया था कि उसकी बेटी रोमा की सुकांत से शादी हुई थी। वे दोनों मनीमाजरा में रहते थे। शादी के कुछ दिनों बाद ही सुकांत ने रोमा को दहेज के लिए परेशान करना शुरू कर दिया। वह उसे मारपीट करता था। कई बार इनके बीच आपसी समझौता भी करवाया, लेकिन उनकी बेटी को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता था। 17 जून 2018 को उन्हें फोन पर सूचना दी गई गई उनकी बेटी की मौत हो गई है। रघुबीर की शिकायत पर पुलिस ने मनीमाजरा थाने में आरोपी पति सुकांत के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि इस मामले में नामजद दोषी सुकांत के भाई एकांत चावला, बहन मेघा और जीजा अनिल बुद्धिराजा को कोर्ट ने बरी कर दिया है।