जब बच्चे घर पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि घर के दरवाजे अंदर से बंद है। उन्होंने अध्यापिका प्रिंयका को दरवाजा खोलने के लिए आवाज लगाई। लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला। जिसके बाद उन्होंने यह बात पड़ोसियों को बताया। पड़ोसी भी उनके घर पहुंचे और दरवाजा खोलने के लिए आवाज लगाई। दरवाजा न खोलने पर उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
छुट्टियों में दोनों लड़के गए हुए थे दादा-दादी के पास रोहतक
मृतक दंपती के 11 साल का श्रेष्ट और पांच साल का आहान नाम के दो लड़के हैं। जो स्कूल में ही पढ़ते है। इन दिनों स्कूलों में सर्दी की छुट्टियां चल रही है। छुट्टियों के चलते दंपती दोनों बच्चों को अपने पैतृक घर रोहतक के गांधी नगर में उनके दादा-दादी के पास छोड़कर पांच जनवरी को आ गए थे। उनके जाने के बाद घर पर दोनों पति-पत्नी ही थे। लोगों को कहना है कि गनीमत रही कि दोनों लड़के यहां नहीं थे। नहीं तो वे भी इस हादसे का शिकार हो जाते। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि हो सकता था कि दोनों लड़के के यहां होने पर यह घटना घटित न होती।
कृष्णा कॉलोनी में मृत मिले दंपति की सूचना पर हम मौके पर पहुंचे थे। कमरे से कोयले की राख जली अंगीठी भी मिली है। आशंका है कि दोनों की मौत अंगीठी की गैस से हुई है। दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया गया है। गुरुवार को पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चलेगा।- दिनेश सिंह चौहान, एसएचओ, थाना शहर जगाधरी।