मनीमाजरा। नगर निगम के एकाउंट डिपार्टमेंट में नगर निगम के मनीमाजरा स्थित सब ऑफिस की सैकड़ों फाइलें दबी पड़ीं हैं। सब ऑफिस की इंचार्ज रहीं जॉइंट कमिश्नर शशि वसुंधरा के पास ये फाइलें पेंडिंग थीं। अब एनओसी की सैकड़ों अटकीं फाइलों के लंबे समय तक पास न होने की संभावना है। नगर निगम सब ऑफिस मनीमाजरा की इंचार्ज जॉइंट कमिश्नर हरियाणा कैडर वापस चली गई हैं। मनीमाजरा निवासी रामेश्वर गिरी और रविंदर मान के अनुसार शशि वसुंधरा ने फाइलें पास करने की प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से बढ़ा दिया था। फाइलें इससे पहले अकाउंट ब्रांच में नहीं जाती थीं। सब ऑफिस मनीमाजरा के टैक्स ब्रांच के कर्मचारी और अधिकारी ही पास कर देते थे।
समाजसेवी रामेश्वर गिरि का कहना कि अब लोगों की परेशानी चार गुना बढ़ गई है क्योंकि सेक्टर-17 निगम के अकाउंट ऑफिस से गईं फाइलें कई-कई दिन तक पास नहीं होती हैं। जबकि वहां अकाउंट ब्रांच में सिर्फ डेवलपमेंट चार्ज चेक करने का ही काम होता है। यह एक दिन का काम है जबकि वहां इस कार्य के लिए कई-कई सप्ताह लगा देते हैं।
मनीमाजरा में एनओसी लेने वाले लोगों की फाइलें पहले ही लंबे समय से मनीमाजरा के सब-ऑफिस में लंबित हैं। अब जाॅइंट कमिश्नर शशि वंसुधरा के वापस अपने हरियाणा कैडर जाने के बाद फाइलें फिर लंबे समय या महीनों के लिए अटक सकती हैं। मनीमाजरा व्यापार मंडल के प्रधान मलकीत सिंह का कहना है कि इनमें से करीब 150 फाइलें ऐसी हैं जो पहले सिर्फ जाॅइंट कमिश्नर मनीमाजरा ऑफिस की इंचार्ज शशि वसुंधरा के हस्ताक्षर के लिए लंबे समय से अटकी थीं। फाइलें इसलिए अटकी थीं क्योंकि मैडम दो माह से मनीमाजरा सब ऑफिस आई ही नहीं। मलकीत सिंह का कहना कि उन्होंने वीरवार को मनीमाजरा ऑफिस आकर इन फाइलों की जांच कर इनपर हस्ताक्षर करने थे लेकिन उन्होंने नहीं किए। मलकीत सिंह का कहना कि इस मामले में वह उनको सेक्टर-17 निगम ऑफिस जाकर मिलकर भी आए थे। मलकीत सिंह का कहना कि अब उनकी जगह जो भी नया जाॅइंट कमिश्नर मनीमाजरा ऑफिस का चार्ज लेगा वह एनओसी की फाइलों को कैसे डील करेगा यह समय ही बताएगा। निगम की प्रक्रिया को देखते हुए लगता है कि इन फाइलों को क्लीयर होने में महीनों लग सकते हैं।