मनीमाजरा। एक तरफ पंजाब के गवर्नर एवं चंडीगढ़ के प्रशासक दरबार लगाकर लोगों की समस्या सुनकर उनका समाधान कर रहे हैं। वहीं नगर निगम के कमिश्नर स्तर के अधिकारी लोगों की समस्याओं को निपटाने में गंभीरता नहीं दिखा रहे।
मनीमाजरा जैसे बड़े कस्बे में लोगों की मकान की एनओसी और ट्रांसफर आदि की फाइलें सिर्फ निगर निगम ज्वाइंट कमिश्नर के हस्ताक्षर के लिए लंबे समय से लटकी पड़ी हैं। इन फाइलों पर नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर और मनीमाजरा ऑफिस के इंचार्ज जॉइंट कमिश्नर के फाइनल हस्ताक्षर होने होते हैं। जिसके लिए वीरवार को नगर निगम के जॉइंट कमिश्नर के यहां मनीमाजरा नगर निगम के सब ऑफिस आकर बैठना भी होता हैं, लेकिन पिछले लंबे समय से वह यहां आकर नहीं बैठे हैं। इस कारण यहां सैकड़ों फाइलें रुकी पड़ी हैं।
मनीमाजरा व्यापार मंडल के प्रधान मलकीत सिंह का कहना है कि हर वीरवार को आकर ज्वाइंट कमिश्नर शशि वसुंधरा को यहां आकर बैठना होता है और इन फाइलों को क्लियर करना होता है। पिछले डेढ़ महीने से मनीमाजरा ऑफिस आकर बैठी ही नहीं, जिस कारण यह फाइलें अटकी पड़ी है।
मलकीत सिंह ने बताया कि वह खुद पिछले महीने चंडीगढ़ सेक्टर-17 नगर निगम ऑफिस जाकर उनसे मिले और मनीमाजरा की इन फाइलों को क्लीयर करने की गुहार लगाई। उन्होंने कहा भी था कि वह मनीमाजरा में आकर सभी फाइलों को क्लियर करेंगे, लेकिन वह वीरवार भी नहीं आए और फाइलें वहीं टेबल पर अटकी पड़ी हैं।
मलकीत सिंह का कहना है कि अब मनीमाजरा की टैक्स ब्रांच के नीचे के कर्मचारियों और अधिकारियों ने करीब 150 फायदे कंप्लीट करके रखी हुई है, जिन पर असिस्टेंट कमिश्नर मैडम के हस्ताक्षर होने हैं, लेकिन वह आते ही नहीं हैं। इस कारण मनीमाजरा के लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। मलकीत सिंह कहना कि वह सोमवार को चीफ सेक्रेटरी और मंगलवार को चंडीगढ़ के प्रशासक के मिलकर इस मुद्दे को उठाकर शिकायत भी करेंगे।
कोट
इस वीरवार को एफएनएसी की मीटिंग की चलते मनीमाजरा ऑफिस नहीं जाना हो गया। जो फाइलें रुकी हैं उनको चंडीगढ़ मंगवा कर उनको क्लियर करूंगी। -शशि वसुंधरा, जॉइंट कमिश्नर, नगर निगम चंडीगढ़