हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने गुड़गांव के सिविल अस्पताल में एक जच्चा-बच्चा को एंबुलेंस मुहैया नहीं कराए जाने की घटना के बारे में मीडिया में आई खबरों पर स्वत: संज्ञान लेते हुए गुड़गांव सिविल अस्पताल के सिविल सर्जन को 12 मई के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
आयोग ने पटौदी निवासी महिला के बारे में छपी उस खबर पर सज्ञान लिया है, जिसमें महिला को प्रसव के बाद अस्पताल से छुट्टी दिए जाने के बाद एंबुलेंस सुविधा मुहैया नहीं कराई गई।
महिला के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से एंबुलेंस उपलब्ध कराने का आग्रह किया और इस बाबत अधिकारियों से भी गुहार लगाई लेकिन महिला व उसके परिजन तीन घंटे तक अस्पताल में इधर-उधर भटकते रहे और आखिरकार उन्हें बस लेकर घर जाना पड़ा। खास बात यह है कि प्रदेश सरकार की ओर से मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना चलाई जा रही है।
मानवाधिकार आयोग के सदस्य न्यायमूर्ति एचएस भल्ला ने इस घटना को मानव अधिकारों का उल्लंघन माना कि गुड़गांव अस्पताल प्रबंधन ने मुख्यमंत्री मुफ्त स्वास्थ्य योजना का लाभ आम नागरिक को नहीं दिया। आयोग ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को 12 मई के लिए नोटिस जारी कर मामले पर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।