हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त हो गया है। हुडा ने डिफाल्टरों की एक लिस्ट तैयार कर ली है। जिसमें लगभग एक हजार करोड़ रुपये की एक्सटेंशन फीस, एन्हांसमेंट एवं इंस्टालमेंट के रुपये वसूलने की तैयारी की है। हुडा ने डिफाल्टरों को नोटिस देने की मुहिम शुरू कर दी गई है और जो भी हुडा का बकाया जमा नहीं कराएगा, उसका प्लॉट रिज्यूम होने से कोई नहीं रोक सकेगा।
हुडा के तीन माह पूर्व आए संपदा अधिकारी मनीष लोहान ने ऐसे डिफाल्टरों पर सख्ती दिखाते हुए विभाग के संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हिदायतें जारी करते हुए लिस्टें तैयार करने को कहा है। कंप्यूटर के मुताबिक लगभग एक हजार करोड़ रुपये के डिफाल्टर नजर आ रहे हैं, लेकिन कंप्यूटर में कोई गलती न हो।
इसको ध्यान में रखते हुए नोटिस देने से पूर्व प्लॉट धारक की फाइल का पूरा निरीक्षण किया जा रहा है। प्लॉट धारक के खिलाफ एक्सटेंशन फीस, इंस्टॉलमेंट या एन्हांसमेंट निकलने पर पहले उसे नोटिस दिया जा रहा है। हुडा ने अब तक लगभग 25 करोड़ रुपये के नोटिस थमा दिए हैं। आने वाले दिनों में हुडा के नियमों की उल्लंघना करने वालों को अपनी जेब जरूर ढीली करनी पड़ेगी।
दरअसल सेक्टर 7 में एक मामला सामने आने के बाद हुडा सक्रिय हो गया है। इस मामले में एक डिफाल्टर के खिलाफ 77 करोड़ रुपये की एक्सटेंशन फीस में चपत लगाने की शिकायत आई थी। इसके बाद से ही विभागीय अधिकारियों में हलचल मची थी। शिकायत के अनुसार प्लॉट धारक ने प्लॉट निर्माण के बाद ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट नहीं लिया था, जिसके चलते उस पर पिछले 41 वर्षों में लगभग 77.23 करोड़ रुपये एक्सटेंशन फीस ब्याज सहित बनती है।
मनीष लोहान, संपदा अधिकारी हुडा ने बताया कि हुडा के डिफाल्टरों पर करीब एक हजार करोड़ रुपये की रिकवरी बनती है, जिसकी वसूली होगी, अन्यथा प्लॉट रिज्यूम कर लिए जाएंगे।