अब आप जिस दिन अपनी गाड़ियों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के लिए कंपनी के पास फीस की रसीद जमा कराएंगे, उसके चार कार्य दिवस के अंदर कंपनी को आपकी गाड़ी पर यह प्लेट लगानी होगी।
यदि इस अवधि के अंदर यह काम पूरा नहीं हुआ तो कंपनी वाहन मालिकों को 50 रुपये प्रतिदिन और सात कार्य दिवसों से अधिक होने पर 75 रुपये प्रतिदिन की दर से हर्जाने का भुगतान करेगी।
जिला रोड सेफ्टी कमेटी की मंगलवार को आयोजित बैठक में उपायुक्त डा. एसएस फुलिया ने कंपनी अधिकारियों को इस बाबत निर्देश दिए।
इसके अलावा उपायुक्त ने पिंजौर के मुख्य बाजार में भारी वाहनों पर लगे प्रतिबंध को भी जारी रखने के आदेश दिए। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों से कहा कि परवाणू-शिमला जाने वाले भारी वाहनों को पिंजौर के अंदर के रास्ते की बजाए बाईपास से भेजना सुनिश्चित करें।
इससे पिंजौर के अंदर अक्सर होने वाले हादसे भी रुकेंगे और ट्रैफिक संचालन भी सामान्य होगा। इसके अलावा उन्होंने कामर्शियल कार्यों में लगे ट्रैक्टर-ट्रालियों के भी चालान काटने के निर्देश दिए।
दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में रिफ्लेक्टर लगवाने पर जोर
उपायुक्त ने नेशनल हाईवे व हुडा अधिकारियों को अपने-अपने अधीन आने वाली दुर्घटना संभावित जगहों पर रिफ्लेक्टर लगवाने के साथ-साथ जिला नगर योजनाकार, नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के जिन चौक पर स्लिप-वे की जगह उपलब्ध है, वहां व्यवस्था दुरुस्त करें।
इन जगहों पर लगेंगी ट्रैफिक लाइटें
डीसी ने माजरी चौक, मोरनी टी प्वाइंट, सेक्टर-25, 26, रामगढ़ चौक व उन जगहों पर जहां ट्रैफिक लाइटें नहीं हो, वहां नई लाइटें लगवाने और खराब लाइटों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
स्कूल-कालेजों के बाहर भी होगी सख्ती
उपायुक्त ने कहा कि शिक्षण संस्थानों के प्रभारियों का सहयोग लेकर पुलिस अधिकारी स्कूल/कालेज खुलते व बंद होते समय बगैर हेलमेट आने-जाने वाले विद्यार्थियों के चालान काटें।
शिक्षकों को भी जागरूक करें कि वे बच्चों को ट्रैफिक नियमों के पालन के लिए जागरूक करें। इसके अलावा नियमित अंतराल पर स्कूली बसों की जांच करें कि सुरक्षा उपकरणों व बस यात्रा के दौरान सुरक्षा में कोई कमी नहीं है?
तीन कमेटियों का गठन
बैठक में आरटीए शक्ति सिंह ने 25 वें सड़क सुरक्षा सप्ताह का ब्योरा पेश करते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय एवं सरकार के दिशा निर्देशानुसार तीन कमेटियां बनाई गई हैं।
इनमें पहली राज्य स्तरीय, दूसरी जिला स्तरीय व तीसरी उपमंडल स्तरीय कमेटी शामिल हैं। जिला स्तरीय कमेटी का अध्यक्ष उपायुक्त को बनाया गया है, जबकि उपमंडल स्तर कमेटी के उपमंडल अधिकारी (ना.) अध्यक्ष होंगे। इनकी बैठकें करवाने के लिए समय सीमा निर्धारित की गई है।