हरियाणा सरकार ने केंद्रीय कानून मंत्रालय की धमकी के बाद आनन फानन में एडहॉक एचएसजीएमसी के सदस्यों का ऐलान कर दिया है।
26 जुलाई को राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। जानकारों के मुताबिक राज्य सरकार को डर था कि नए राज्यपाल कहीं बिल को राष्ट्रपति के पास न भेज दें।
दूसरी तरफ संसदीय कार्य मंत्री रणदीप सुरजेवाला ने इस बात से इनकार किया कि कानून को पलटे जाने के डर से ऐलान में जल्दबाजी की गई है। सुरजेवाला ने कहा कि राज्यपाल ने विधेयक पर हस्ताक्षर कर उसे कानून का रूप दे दिया है।
अब कमेटी के नामों की घोषणा करना सरकार का काम था, जो सरकार ने पूरा किया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के सिख अब गुरुघरों में सेवा और देखभाल का काम कर सकेंगे।
यह हो सकता है कमेटी का स्वरूप
आंदोलनकारी सिख कमेटी के नेता और सरकार की एडहॉक एचएसजीएमसी के मेंबर जगदीश सिंह झींडा ने बताया कि 41 सदस्यों की नियुक्ति हो चुकी है।
इसके बाद सरकार की तरफ से कार्यसमिति गठन के लिए उस जिले के डीसी को पत्र भेजा जाएगा, जहां एचएसजीएमसी का हेड ऑफिस बनाया जाना है। उस जिले का डीसी सभी सदस्यों की राय लेकर कार्यकारी समिति का गठन करेगा।
झींडा ने बताया कि अभी तक कुरुक्षेत्र और पंचकूला में हेड आफिस बनाए जाने का प्रावधान किया गया है। जबकि जींद में सब कमेटी का प्रावधान है। झींडा ने कहा, हम चाहते हैं कि हेड आफिस कुरुक्षेत्र में हो, बाकी सबकी राय के बाद ही अंतिम निर्णय होगा।
ये हैं अन्य मुख्य बिंदु
सरकार ने कहा, ये सदस्य राज्य के गुरुद्वारों का कामकाज, रखरखाव तत्काल संभालेंगेसरकारी कमेटी के मेंबरों में जगदीश सिंह झींडा और दीदार सिंह नलवी भी शामिलकेंद्रीय कानून मंत्रालय ने अड़े रहने पर राष्ट्रपति शासन तक की धमकी दी थीडेढ़ साल में चुनाव होने तक अस्थायी कमेटी काम करती रहेगी