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सहारनपुर हिंसा: दो बड़े सिख सम्मेलन रद्द

Sun, 27 Jul 2014 08:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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सहारनपुर की हिंसक घटना को सिख पंथ के लिए एक और संकट करार देते अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने एचएसजीएमसी विवाद अपने हाथ में ले लिया है।
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इस मसले पर रविवार को श्री दरबार साहिब अमृतसर में शिअद व एसजीपीसी की तरफ से होने वाली विश्व पंथक कांफ्रेंस और आगामी सोमवार को एचएसजीएमसी (एडहॉक) द्वारा करनाल में आयोजित किए जाने वाले सिख सम्मेलन को रद्द करने संबंधी हुक्मनामा ज्ञानी गुरबचन सिंह ने शनिवार को जारी किया।

इसे स्वीकार करते शिअद व एसजीपीसी ने एचएसजीएमसी के खिलाफ मोर्चे का कार्यक्रम घोषित करने के लिए आयोजित होने वाली विश्व पंथक कांफ्रेंस को रद्द कर दिया है। इसी बीच एचएसजीएमसी विवाद का निपटारा भी अकाल तख्त साहिब पर दोनों पक्षों के बीच आपसी बातचीत के जरिए हल होने की संभावनाएं नजर आने लगी हैं।
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टकराव को हर हाल में रोका जाना चाहिए

ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि मौजूदा हालात में हर सिख चिंतित है व सहारनपुर की घटना ने इस चिंता को और बढ़ा दिया है। सिख कौम के लिए यह चुनौती-भरा समय है। ऐसे में टकराव को हर हाल में रोका जाना चाहिए। हरियाणा की अलग कमेटी के मसले का हल सिंह साहिबान दोनों पक्षों को बैठाकर आपसी बातचीत से निकालेंगे।

ज्ञानी गुरबचन सिंह ने यह संकेत भी दिए कि हरियाणा की अलग कमेटी के मुद्दे पर पंथ से निष्कासित जगदीश सिंह झींडा और दीदार सिंह नलवी के निष्कासन पर भी पुनर्विचार हो सकता है, बशर्ते वह मसले के हल के लिए बातचीत को तैयार हों। बहरहाल, टकराव की स्थिति टल गई है, जो कि केंद्र सरकार के लिए भी राहत भरी खबर है।
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मुख्यमंत्री बादल से मिले थे शांता कुमार

केंद्र सरकार ने मसले के हल के लिए पंजाब भाजपा प्रभारी शांता कुमार को प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से बातचीत करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके बाद बीते शुक्रवार को शांता कुमार ने बादल से बात करके उन्हें केंद्र की भावनाओं से अवगत करवा दिया था कि एनडीए सरकार एचएसजीएमसी विवाद से पनपे माहौल को हल करने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। इसलिए इस बात का ध्यान रखा जाए कि हालात न बिगड़ें।

जिस पर बादल ने स्पष्ट कह दिया था कि उन्हें मोर्चे लगाने का शौक नहीं, मसला हल होना चाहिए। उन्होंने मसले के हल के लिए केंद्र सरकार पर भरोसा भी जताया था। अब जत्थेदार अकाल तख्त साहिब द्वारा मसला अपने हाथ में लिए जाने के बाद बात अलग दिशा में मुड़ गई है।
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