बिजली विभाग सौरऊर्जा से बिजली से बेचने के प्रस्ताव पर अडंगा डाल रहा है। इस योजना से विभाग को काफी आमदनी हो सकती है।
यूटी के बिजली विभाग को सोलर पॉवर फोटोवोल्टिक प्लांट से बिजली बेचने के चंडीगढ़ रिन्यूअल एनर्जी साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (क्रेस्ट) के प्रस्ताव पर बिजली विभाग ने आपत्ति जताई है।
शुक्रवार को नई दिल्ली में हुई बैठक में बिजली विभाग ने क्रेस्ट के प्रस्ताव में बिजली बेचने की कुछ शर्तों पर ज्वाइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (जेईआरसी) के समक्ष आपत्ति दायर की।
अपनी आपत्ति में बिजली विभाग ने कहा कि बिजली विभाग उन्हीं शर्तों पर बिजली खरीदेगा जिन शर्तों पर अन्य स्रोतों से बिजली खरीदी जाती है। क्रेस्ट के प्रस्ताव में कुछ कामर्शियल शर्तें ऐसी हैं जो कि बिजली विभाग को स्वीकार नहीं हैं।
चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर में बिजली बचाने के लिए अब सौर ऊर्जा से बिजली पैदा करनी शुरू कर दी है। यूटी सचिवालय सहित शहर की कई सरकारी इमारतों में अलग-अलग किलोवाट के सोलर फोटोवोल्टिक पॉवर प्लांट लगाए गए हैं, जहां से बिजली का उत्पादन होता है।
केंद्र ने चंडीगढ़ को मॉडल सोलर सिटी के लिए चुना है और इस प्लांट को लगाने के लिए सरकार 30 प्रतिशत सब्सिडी देने के साथ-साथ टैक्स में भी 80 फीसदी छूट देगी।