चंडीगढ़। घर-घर से कचरा उठाने वाले कर्मचारियों की सहमति के बाद अब सदन समझौते (एमओयू) पर अंतिम मुहर लगाएगा। इसके लिए महापौर रविकांत शर्मा ने 15 फरवरी को सदन की विशेष बैठक बुलाई है। इसमें सदन के सामने एमओयू को पढ़कर सुनाया जाएगा। साथ ही उस पर सबकी सहमति ली जाएगी।
महापौर ने बताया कि घर-घर से कचरा उठाने वाले कर्मचारियों के साथ पूर्व महापौर व वर्तमान पार्षद राजेश कालिया, आयुक्त केके यादव, अतिरिक्त आयुक्त अनिल गर्ग ने कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ लगातार बैठक की। इसमें कर्मचारियों की मांगों को लेकर जो समस्याएं थीं, उन पर चर्चा की गई। प्रतिनिधिमंडल को स्पष्ट कहा गया कि गाड़ियों से ही कचरा लेना होगा, वहीं लोगों से पैसे भी नगर निगम ही लेगा। इसके अलावा कर्मचारियों को उनकी मांगों के अलावा गणवेश, जूते और बीमा का प्रावधान किया गया है। वहीं कर्मचारी कल्याण निधि का भी प्रावधान किया गया है। इसमें 10 लाख तक कि राशि जमा होगी। किसी भी कर्मचारी के लिए आपातकाल की परिस्थिति में यह राशि काम आएगी। इसके अलावा हर कर्मचारी से एमओयू करने पर भी सहमति मिल गई है। एमओयू में जो संशोधन था, वह हो गया है। महापौर ने कहा कि 15 फरवरी को विशेष बैठक में यह एजेंडा आएगा, जिसमें एमओयू को सदन के सामने रखा जाएगा। वहां से सहमति के बाद आगे का कार्य शुरू होगा।
आरएलए को निगम में शामिल करने के लिए आएगा एजेंडा
सदन की विशेष बैठक में रजिस्टर एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) को नगर निगम में शामिल करने का प्रस्ताव लाया जाएगा। हालांकि नगर निगम इससे पहले भी आरएलए को निगम में शामिल करने के लिए प्रस्ताव ला चुका है, लेकिन प्रशासन से इसकी सहमति नहीं मिली थी। हाल ही में महापौर ने प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा से मुलाकात कर आरएलए को निगम में शामिल करने की मांग की थी। प्रशासक ने इस मामले में विचार करने को कहा था।