प्रापर्टी टैक्स के भुगतान करने के संबंध में अब भी एक तबके में संशय बरकरार है। कालका-पिंजौर में कई ऐसे मकान हैं, जिन्हें अब तक हाउस नंबर ही अलॉट नहीं हुआ है।
इसके बावजूद उन्हें प्रापर्टी टैक्स का भुगतान करना पड़ेगा। इनमें कई कालोनियां ऐसी हैं, जिन्हें अब तक वैध नहीं माना गया है। साथ ही निगम में शामिल करीब दो दर्जन गांव भी इसमें शामिल हैं।
नगर निगम का कहना है कि जिन घरों के नंबर अलॉट नहीं हुए हैं, उनके मालिक आसपास के पहचान चिह्न और अपने नाम के साथ प्रॉपर्टी टैक्स जमा करा सकते हैं। अगले महीने की शुरुआत तक मकानों को नंबर देने के लिए सर्वे शुरू कर दिया जाएगा।
लोगों का आरोप है कि निगम ने हाउस टैक्स की अदायगी के लिए भरे जाने वाले फार्मों को प्राप्त करने के लिए न तो कोई निश्चित स्थान तय किया है और न ही इसकी सूचना लोगों को दी गई है।
कालका के शिवनगर भैरों की सैर कालोनी निवासी उपेंद्र कौशिक ने बताया कि उनकी कालोनी में ज्यादातर मकानों को मकान नंबर अलाट नहीं हुए हैं। इससे हाउस टैक्स अदा करना गले की फांस बना हुआ है।
पहले शिव कालेानी पंचायत में पड़ती थी और उसे अब निगम में शामिल किया गया है। शहर के अशोक शर्मा का कहना है कि शहर में कई नए मकान मालिकों को भी हाउस टैक्स का नोटिस दिया गया है।
उधर, निगम के जोनल टैक्सेसन के अधिकारी रमन किशोर का कहना है कि छूट पाने के लिए हाउस टैक्स अदायगी की अंतिम तिथि 25 नवंबर है। इस तिथि के बाद टैक्स अदायगी पर जुर्माना भी देना होगा। टैक्स अदा नहीं करने पर मकान का नक्शा भी पास नहीं होगा।
पिंजौर-कालका में आज जागरूक करेंगे
हाउस टैक्स जमा कराने में पिंजौर और कालका के लोगों को दिक्कत न हो, इसके लिए नगर निगम बुधवार को लोगों को जागरूक करेगा। प्रॉपर्टी टैक्स के लिए गठित कमेटी के सदस्य लोगों को सेल्फ असेसमेंट फॉर्म भरने, टैक्स कैल्कुलेशन सहित अन्य समस्याओं से जुड़ी जानकारियां मुहैया कराएंगे।
नगर निगम के कार्यकारी अधिकारी ओपी सिहाग ने बताया कि पिंजौर में 11 बजे से, जबकि कालका में एक बजे से टीमें मौजूद रहेंगी। 21 नवंबर को कमेटी सदस्यों की मीटिंग होगी, जिसमें अब तक की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।