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बवाल में कांग्रेस का हाथ तो सुप्रीम कोर्ट से कराएं जांच : हुड्डा

Sat, 19 Mar 2016 08:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
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भूपेन्द्र सिंह हुड्डा - फोटो : ANI
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हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि आंदोलन उनके शासन के दौरान भी होते थे लेकिन उन्होंने दंगों में उन्हें नहीं बदलने दिया। प्रदेश सरकार के मंत्री, विधायक व सीनियर अफसर भी मान रहे हैं कि सरकार आरक्षण आंदोलन से निपटने में विफल रही। लेकिन अब अपनी विफलता छुपाने के लिए सरकार कांग्रेस के सिर ठीकरा फोड़ रही है।
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हुड्डा शनिवार को अपने आवास पर छह जिलों यमुनानगर, पंचकुला, अम्बाला, कुरूक्षेत्र, करनाल व कैथल के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। उनके साथ पूर्व प्रदेशाध्यक्ष फूलचंद मुलाना, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा, पूर्व सांसद डा. राम प्रकाश, पूर्व शिक्षा मन्त्री गीता भुक्कल, पूर्व मंत्री एचएस चट्ठा, विधायक रघुबीर कादियान, पूर्व मंत्री करण दलाल, भीम मेहता, सुभाष चौधरी, निर्मल सिंह, कैलाशो सैनी, रामकिशन गुज्जर, अर्जुन सिंह, रमेश गुप्ता, अनीता यादव, रामकिशन गुज्जर भी मौजूद थे।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि भाजपा सरकार इतनी आश्वस्त है कि बवाल में कांग्रेस का हाथ है तो सुप्रीम कोर्ट के सेवारत न्यायाधीश से जांच करवाने में संकोच क्यों कर रही है। उन्होंने कहा कि एक दिन भाजपा के षड्यन्त्र व झूठ की पोल खुलकर रहेगी। उन्होंने पार्टी वर्करों से कहा कि यह समझना होगा कि राजनीतिक दल के रूप में भाजपा किसी भी तरह से विश्वास के काबिल नहीं है।
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यह केवल झूठ घड़ने व भ्रम फैलाने में माहिर है, इन्होंने तो भगवान गणेश तक को भी दूध पिला दिया था। हुड्डा ने भाजपा पर आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने आरक्षण की सच्चाई लोगों के सामने कभी नहीं आने दी। कांग्रेस के समय किसी भी तरह के आरक्षण में कोई छेड़छाड़ नहीं की गई। इसके अलावा स्वर्ण जातियों के गरीबों को आर्थिक आधार पर दस प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की थी। इसके उलट भाजपा के कुछ नेता कहते रहे कि आरक्षण लेकर रहेंगे तो अन्य कुछ कह रहे थे कि किसी भी सूरत में आरक्षण नहीं लेने देंगे।

बादल ने शपथ लेकर भी राजधर्म नहीं निभाया : हुड्डा
पूर्व मुख्यमंत्री ने एसवाईएल को लेकर जारी विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि बादल सरकार ने संविधान की शपथ लेकर भी राजधर्म नहीं निभाया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय व आदेश का भी मजाक उड़ाया जा रहा है। इस विषय में भाजपा की चुप्पी शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि ऐसे तो देश की एकता भी खतरे में पड़ सकती है व संघीय ढांचे का स्वरूप ही बदल सकता है। कोई प्रदेश पानी रोकेगा, कोई बिजली बाधित करेगा तो कोई रास्ता रोक कर खड़ा हो जाएगा। पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा ने कहा कि यह दो पार्टियों की लड़ाई नही है बल्कि दो प्रदेशों के हक की लड़ाई है।
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