राज्यसभा सदस्य और पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा और राज्यसभा सदस्य चौधरी बीरेंद्र सिंह द्वारा भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा मांगने के बयान के बाद अब हुड्डा ने दोनों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मैं तो सार्वजनिक विकास कराने का जिम्मेवार हूं, किसी का व्यक्तिगत विकास करने का नहीं। मेरी जिम्मेवारी हरियाणा का विकास करने की है।
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को सिर्फ एक सीट पर जीत मिलने से कुमारी सैलजा ने सोमवार को दोबारा मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांगा। इससे मुख्यमंत्री भी गुस्से में आ गए। उन्होंने फौरन बिना नाम लिए कहा कि कुछ नेताओं का व्यक्तिगत विकास नहीं हुआ होगा, इसलिए वे बड़बड़ा रहे हैं।
चौधरी बीरेंद्र सिंह ने पूछा था कि जींद में यूनिवर्सिटी बनाने का ख्याल मुख्यमंत्री को नौ साल बाद क्यों आया? अब यूनिवर्सिटी बनेगी भी या नहीं यह भी पता नहीं। मुख्यमंत्री ने गत 28 मई को बिना नाम लिए कहा था कि उन्हें जींद के विकास की अब क्यों याद आई? ऐसा बयान देने वाले नेता अपनी राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं।