दरअसल, जसमीत अपनी बहन की अंतरजातीय शादी से नाराज था। गुस्से के चलते उसी ने अस्पताल में बहन हरमीत की हत्या करवाने की योजना बनाई। इसके लिए उसने अपने रिश्तेदार बूटा सिंह से संपर्क किया। बूटा सिंह ने पेशेंट केयर का काम करने वाले मंदीप सिंह को तलाशा। आरोपियों ने हरमीत को जहरीला इंजेक्शन लगाने की योजना बनाई। इसके लिए कॉकरोच मारने वाले स्प्रे, सैनिटाइजर और नींद की दवाई से एक जहरीला इंजेक्शन तैयार किया।
पहले मंदीप यह इंजेक्शन हरमीत को लगाने वाला था लेकिन पीजीआई के गायनी वार्ड में पुरुषों का प्रवेश प्रतिबंधित होने से वह कामयाब नहीं हुआ। इसके बाद उसने संगरूर की जसप्रीत कौर इंजेक्शन लगाने के लिए तैयार किया और रेकी कर उसके साथ पीजीआई पहुंचा। 15 नवंबर की रात जसप्रीत कौर इंजेक्शन लगाने में सफल हो गई लेकिन हरमीत की तबीयत बिगड़ते ही हंगामा हो गया। इसी बीच मंदीप और जसप्रीत पीजीआई से फरार हो गए।
हरमीत ने गांव के ही दूसरी जाति के युवक से की थी शादी
हरमीत कौर और और उसका पति गुरविंदर राजपुरा (पटियाला) के एक ही गांव के रहने वाले थे। दोनों ने बीते वर्ष सितंबर में प्रेम विवाह कर लिया था। इससे हरमीत के परिवार वाले खफा थे। खासतौर पर हरमीत का भाई जसमीत सिंह काफी गुस्से में था। वह लगातार गुरविंदर और अपनी बहन को जान से मारने की धमकी दे रहा था।
बहन की हत्या के लिए जसमीत ने सात लाख रुपये की सुपारी दी थी। जसमीत इतने गुस्से में था कि उसने आरोपियों से कहा था कि बस काम पूरा होना चाहिए, वह इसके बदले दस लाख रुपये तक दे सकता है। जसमीत सिंह ने अपने रिश्तेदार बूटा सिंह के जरिए मंदीप से डील तय की थी। मंदीप को इस काम के लिए एडवांस में 50 हजार रुपये भी दिए गए थे। उसने 3,200 रुपये जसप्रीत कौर को इंजेक्शन लगाने के लिए दिए थे। अब इस मामले में सेक्टर-11 थाना पुलिस मामले में हत्या की धारा जोड़ सकती है।महिला की मौत के बाद उसके पति गुरविंदर सिंह और बाकी रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है।