बस पलटने की सूचना मिलते ही पुलिस की गाड़ी व एंबुलेंस गाड़ियां मौके पर पहुंची। यात्रियों को मामूली चोटें आई। जिन्हें कि डेरे की एंबुलेंस व प्रशासन की एंबुलेंस के माध्यम से डेरे के अस्पताल में प्राथमिक उपचार के लिए दाखिल किया गया। कीर्तिनगर चौकी प्रभारी बलवान सिंह ने बताया कि घटना के कुछ ही समय बाद एंबुलेंस पहुंच गई थी। घायलों को मामूली चोटें थी।
डेरा मुखी का परिवार और हनीप्रीत हुई शामिल
डेरे में सुबह साढ़े नौ बजे रक्तदान दान शिविर का आयोजन हुआ। इस समारोह में डेरा प्रमुख के दामाद शानेमीत, बेटा जसमीत, दामाद रूहेमीत, बेटी चरणप्रीत, बहू हुस्नमीत, बेटी अमरप्रीत व हनीप्रीत शामिल हुई। डेरा प्रमुख की पत्नी हरजीत कौर भी थी। इसके बाद हनीप्रीत अपने आशियाने में वापस चली गई। वहीं करीब 12 बजे डेरा की नाम चर्चा में हनीप्रीत, डेरा मुखी के परिवार के साथ पहुंची।
डेरा मुखी का परिवार व हनीप्रीत एक ही दीर्घा में बैठे थे। नामचर्चा के खत्म होने के बाद वे वापस अपने निवास स्थान पर चली गई। लेकिन अबकी बार डेरा प्रमुख की माता नसीब कौर इस कार्यक्रम में नहीं दिखाई दी। जानकारी अनुसार वे खराब स्वास्थ्य के कारण समारोह में शामिल नहीं हुई। क्योंकि बीते दिनों उन्होंने अपने खराब स्वास्थ्य के कारण डेरा प्रमुख की पैरोल के लिए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। लेकिन पैरोल नहीं मिली।
वहीं गांव बेगू के पास एक गद्दे बनाने वाली दुकान व आटा चक्की में शार्ट सर्किट से आग लग गई। डेरा प्रेमियों ने डेरे की फायर बिग्रेड की गाड़ी से दुकान में लगी आग बुझाई। लोगों ने आग लगने के कारण रूई व गद्दे बाहर ही निकाल दिए थे। अग्निशमन विभाग सिरसा की गाड़ियां भी मौके पर पहुंची और आग बुझाने में सहयोग किया।
डेरा प्रमुख गुरमीत की एक रिकॉर्डिड चलाई वीडियो
डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक बेपरवाह साईं शाह मस्ताना महाराज का 128वां पावन अवतार दिवस पर शाह सतनाम जी धाम में मनाया गया। एक बजे तक ही सत्संग पंडाल पूरी तरह भर चुका था और भारी संख्या में साध-संगत पंडाल से बाहर भी मौजूद रही। नामचर्चा की समाप्ति तक साध-संगत का आना अनवरत जारी रहा। इस पावन अवसर पर मंगलवार को शाह सतनाम जी धाम में बड़े स्तर पर नामचर्चा का आयोजन हुआ।
कविराज भाइयों ने भक्तिमय भजनों के माध्यम से सतगुरु की महिमा का गुणगान किया। तदोपरांत डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह इंसा की एक रिकॉर्डिड वीडियो चलाई गई, जिसमें बेपरवाह साईं मस्ताना महाराज के पवित्र जीवन और उनके मानवता पर किए गए परोपकारों पर प्रकाश डाला। रिकॉर्डिड वचनों को बड़ी-बड़ी स्क्रीनों के माध्यम से पंडाल में खचाखच भरी साध-संगत ने तन्मय होकर सुना।
इस अवसर पर बेटी से वंश चलाने की मुहिम कुल का क्राउन के तहत एक शादी संपन्न हुई। वहीं दिव्यांगजनों को 12 ट्राइसाइकिलें, जरूरतमंद महिलाओं को 15 सिलाई मशीनें और आशियाना मुहिम के तहत साध-संगत द्वारा बनाए गए चार मकानों की चाबियां पात्र परिवारों को सौंपी गई। इसके अलावा डेरा सच्चा सौदा के मर्यादानुसार दिलजोड़ माला पहनाकर 15 युगल विवाह बंधन में बंधे।