हनीप्रीत के मोबाइल-लैपटॉप की बरामदगी के लिए पुलिस ने उसे साथ लेकर पंजाब और राजस्थान के ठिकानों पर छापेमारी की। पुलिस को बठिंडा से भले ही कोई खास सुबूत बरामद नहीं हुए हैं, लेकिन गुरसर मोड़िया में हनीप्रीत से हुई लंबी पूछताछ ने लैपटॉप-मोबाइल सहित उसके फरार रहने के दौरान डेरा के किन-किन नजदीकियों से संपर्क रहे, इस बारे में भी पुलिस को अहम सुराग मिले हैं।
माना जा रहा है कि इनकी बरामदगी भी जल्द कर ली जाएगी। कुल नौ दिनों के रिमांड के दौरान पुलिस ने हनप्रीत से सैकड़ों सवाल किए, जिनके जवाब भी मिले। शुरुआती दौर से स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की हनीप्रीत के बयान से कुछ पुख्ता बरामद करने की कोशिशें रिमांड के आखिरी दिन भी बदस्तूर जारी रहीं। हनप्रीत ने रिमांड के दौरान पुलिस के सामने न केवल दंगे की साजिश से जुड़ी बातों को मान लिया है, बल्कि उसने इस दौरान कई ऐसी जानकारियां दी, जिसे सही मानकर पुलिस ने आगे कार्रवाई भी की। पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद बड़ी कामयाबी हासिल नहीं हो सकी।
पुलिस सूत्रों की मानें तो हनप्रीत ने लैपटॉप-मोबाइल के बारे में जानकारी तो दी है, लेकिन पहले से ही पुलिस को गुमराह कर रही हनीप्रीत के बताए ठिकानों से इनकी बरामदगी होगी या नहीं, इसपर संशय है। हिंसा से जुड़ी वीडियो जिस मोबाइल से वायरल हुई, उसके अलावा हिंसा की साजिश के तहत तैयार कर आगे भेजे गए नक्शे भी लैपटॉप में होने का दावा किया जा रहा है। अब पुलिस के सबसे बड़ी चुनौती लैपटॉप-मोबाइल और इंटरनेशनल सिम की बरामदगी के अलावा डेरा के उन करीबियों तक पहुंचना भी जरूरी है जो लगातार हनीप्रीत के संपर्क में थे।