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बेअंत सिंह के कातिल बलवंत सिंह राजोआना की फांसी की सजा उम्रकैद में बदली, आदेश जारी

Wed, 13 Nov 2019 09:11 AM IST
खुशबू गोयल हर्ष सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़
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बलवंत सिंह राजोआना - फोटो : फाइल फोटो
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पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्यारे बलवंत सिंह राजोआना की मौत की सजा को उम्रकैद में बदलने संबंधी प्रक्रिया को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद गृह मंत्रालय ने हरी झंडी दे दी है। इस संबंध में गृह मंत्रालय द्वारा चंडीगढ़ प्रशासन को पत्र भेजकर सभी आवश्यक कार्रवाई पूरी करने को कहा है। 

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उधर, पंजाब सरकार का कहना है कि चूंकि राजोआना पंजाब की जेल में बंद है, इसलिए यूटी प्रशासन से इस संबंध में जो भी कार्रवाई रिपोर्ट साझा की जाएगी, उस हिसाब से ही पंजाब सरकार आगे कार्रवाई करेगी। पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या यूटी चंडीगढ़ के क्षेत्र में हुई थी, इसलिए गृह मंत्रालय ने यूटी प्रशासन को पत्र भेजकर सजा कम किए जाने की जानकारी दी है। 

उधर, पंजाब सरकार के एक अधिकारी का कहना है कि चूंकि राजोआना पंजाब की जेल में बंद है, इसलिए गृह मंत्रालय द्वारा यूटी चंडीगढ़ को भेजे गए निर्देश की प्रति पंजाब सरकार को भी प्राप्त हुई है। इस पूरे मामले में यूटी प्रशासन को ही आगे की कार्रवाई करनी है। उल्लेखनीय है कि 52 वर्षीय राजोआना इस समय पटियाला की जेल में बंद है। 

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पंजाब पुलिस में कांस्टेबल रह चुके राजोआना को चंडीगढ़ में सीबीआई की विशेष अदालत ने 1 अगस्त, 2007 को फांसी की सजा सुनाई थी। 31 अगस्त, 1995 को चंडीगढ़ स्थित पंजाब सिविल सचिवालय में एक बम धमाके में बेअंत सिंह और 16 अन्य लोगों की मौत हुई थी। इस हत्याकांड में पंजाब पुलिस के एक अधिकारी दिलावर सिंह ने सुसाइड बॉम्बर की भूमिका निभाई थी। 

रची गई साजिश में यह तय हुआ था कि अगर दिलावर सिंह तत्कालीन मुख्यमंत्री की हत्या करने में असफल रहता है तो उसके बाद राजोआना सुसाइड बॉम्बर की भूमिका निभाएगा। बेअंत सिंह की हत्या के पीछे राजोआना ने 1984 के सिख विरोधी दंगों का हवाला दिया था। राजोआना को 31 मार्च, 2012 को फांसी देना तय हुआ था। 
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28 मार्च, 2012 को गृह मंत्रालय ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा दायर अपील के बाद राजोआना की फांसी पर रोक लगा दी थी। इस साल सितंबर में गृह मंत्रालय ने श्री गुरु नानक देव जी के 550वें  प्रकाश पर्व के मौके पर राजोआना की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने का फैसला किया था।

हालांकि गृह मंत्रालय के इस फैसले का बेअंत सिंह के पोते रवनीत सिंह बिट्टू ने कड़ा विरोध भी किया। गृह मंत्रालय ने राजोआना के अलावा देश की विभिन्न जेलों में बंद आठ अन्य सिख कैदियों को भी प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में जेलों से रिहा करने का फैसला लिया है।

राजोआना की सजा को बदलने संबंधी गृह मंत्रालय का पत्र मिल गया है। जल्दी ही इस मामले में कार्रवाई पूरी की जाएगी।
- अरुण कुमार, गृह सचिव यूटी, चंडीगढ़

यह मामला यूटी चंडीगढ़ का है। राजोआना को पंजाब की जेल में रखा गया है। यूटी प्रशासन जो भी कार्रवाई करेगा, उसकी जानकारी के आधार पर पंजाब सरकार कदम उठाएगी।
- सुखजिंदर सिंह रंधावा, जेल मंत्री, पंजाब सरकार
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