हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज के निशाने पर अब डीजीपी हैं। सीआईडी मुखिया से टकराव और विभाग को लेकर चले विवाद का पटाक्षेप होने के बाद गृह मंत्री ने पुलिस कप्तान की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। इसके पीछे वजह 19 नवंबर 2019 को पुलिस मुख्यालय में पुलिस विभाग को लेकर हुए फैसलों में से एक का भी लागू न हो पाना है। जिससे अनिल विज को कड़ा रुख अपनाना पड़ा है।
उन्होंने पुलिस विभाग के फैसलों को गंभीरता से लागू करने के लिए डीजीपी मनोज यादव को पत्र लिखा है। पत्र में बाकायदा, 19 नवंबर को हुई बैठक का हवाला दिया गया है। साथ ही बैठक में पुलिस आधुनिकीकरण और कर्मचारियों के कल्याण के लिए लिए गए फैसलों में से एक भी लागू न करने पर नाखुशी प्रकट की है। गृह मंत्री ने तुरंत उन फैसलों को लागू करने के लिए कहा है। साथ ही फैसलों पर अब तक अमल न होने का कारण भी पूछा है।
चूंकि, गठबंधन सरकार में यह पहला मौका नहीं है, जब अधिकारियों ने गृह मंत्री के निर्णय को अमलीजामा पहनाने में आनाकानी की है। इससे पहले सीआईडी विभाग के मुखिया भी आदेशों को मानने की हिमाकत कर चुके हैं।
गृह मंत्री अनिल विज का कहना है कि उन्होंने डीजीपी को पत्र लिखा है। यह एक रुटीन प्रक्रिया है। पुलिस विभाग में लंबित मामलों तफ्तीश पूरी करने में तेजी आई है। पुलिस अधिकारी तत्परता से काम कर रहे हैं। कामचोर अफसरों की कार्यप्रणाली सुधारी जाएगी।
19 नवंबर की बैठक में ये हुए थे निर्णय
. सीआईडी क्राइम पैट्रोल सीरियल में अपराध के मामलों की तर्ज पर पुलिस जांच।
. हर जिले में अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित थाने हों।
. पुलिस आधुनिकीकरण, फॉरेंसिक लैब को और अत्याधुनिक बनाया जाए।
. मोबाइल फॉरेंसिक लैब का आधुनिकीकरण।
. पुलिस कल्याण के लिए समिति गठित करें।
. विशेष व आपात ड्यूटी के समय पुलिस कर्मियों को भोजन मुहैया कराएं।
. पंजाब समान वेतनमान को लेकर कमेटी गठित करें।
. पुलिस थानों को अपग्रेड किया जाए, खस्ताहाल थानों की मरम्मत करें।
. पुलिस दोस्ताना व्यवहार करे, अत्याधुनिक हथियारों की ट्रेनिंग जवानों को दें।
. पारदर्शिता व आधुनिकीकरण से पुलिस में भ्रष्टाचार को दूर करें।
. जाम से निपटने के लिए ऑटो, रिक्शा, बस व टैक्सी स्टैंड पूरे प्रदेश में चिह्नित करें।