केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान को भारत के शांति प्रयासों का सम्मान करते हुए धरती को खून से लाल करने से बाज आना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को खुशहाली व आर्थिक तरक्की की तरफ कदम बढ़ाना चाहिए। पाकिस्तान को अपनी धरती से आतंकवाद को प्रोत्साहित करने की बजाए उसको समूल खत्म करने की तरफ ध्यान देना चाहिए।
केंद्रीय गृह मंत्री पंजाब के अटारी बार्डर पर बीएसएफ के गोल्डन जुबली के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। राजनाथ ने कहा कि दोस्त बदले जा सकते हैं, परंतु पड़ोसी नहीं। इसलिए पाकिस्तान को एक अच्छे पड़ोसी की तरह व्यवहार करना चाहिए। वह आतंकवाद के खिलाफ सख्ती अपनाए ताकि दोनों देश तरक्की के रास्ते आगे बढ़ते हुए अपने नागरिकों को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध करवा सकें।
अगर भारत पाक के मध्य शांति स्थापित होती है तो साउथ एशिया का यह क्षेत्र दुनिया का आर्थिक व राजनीतिक तौर पर मजबूत क्षेत्र बन सकता है। भारत ने जब भी पाकिस्तान के साथ दोस्ती वाला हाथ बढ़ाया तभी पाकिस्तान की ओर से दुश्मन वाला व्यवहार ही दिखाया है।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी इसी वाघा सडक सीमा के रास्ते पाकिस्तान शांति का संदेश लेकर गए थे। परंतु पाकिस्तान की ओर से इसके जवाब में कारगिल का युद्ध दिया गया। राजनाथ ने कहा कि भारत की ओर से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान को भी भारत की सहायता करनी चाहिए।
पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ आंतकवादियों को प्रोत्साहित किया आज उसी आतंकवाद की आग में झुलस रहा है। पाकिस्तान को भी इस से सबक सीखते हुए अब आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई खुलेआम शुरू कर देनी चाहिए।