फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गृहमंत्री अनिल विज का फरमान- राम रहीम से हनीप्रीत की मुलाकात मामले पर विचार करे पुलिस

Wed, 20 Nov 2019 10:33 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
गृह मंत्री अनिल विज - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम से हनीप्रीत की मुलाकात में कानून व्यवस्था का पेच फंसा हुआ है। वहीं मामले में गृहमंत्री अनिल विज ने जरूरी निर्देश जारी किए। सिरसा प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, हनीप्रीत की राम रहीम से मुलाकात कानून व्यवस्था पर असर डाल सकती है। जिसे देखते हुए फिलहाल हनीप्रीत को सुनारिया जेल में बंद बाबा से मिलने की इजाजत नहीं दी गई है।
विज्ञापन


हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि अगर कानूनी अड़चन नहीं होगी तो हनीप्रीत जेल में मिल सकती हैं। कानून व्यवस्था पर असर पड़ने के मद्देनजर ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। सिरसा प्रशासन को सारे पहलुओं की जांच करते हुए हनीप्रीत की अर्जी पर पुनर्विचार करने के निर्देश दिए गए हैं। गृह मंत्री बोले कि अब अनिल विज आ गया है, सब ठीक हो जाएगा। प्रदेश में कानून व्यवस्था को बिगड़ने नहीं देंगे।
विज्ञापन

मंत्री विज से साफ किए अपने इरादे

अनिल विज ने कहा कि आपराधिक गतिविधियों को नियंत्रित करके पीड़ितों को जल्दी न्याय दिलाया जाएगा। प्रदेश के पुलिस महकमे में बदलाव देखने को मिलेगा। पेचीदा मामले हल करने के लिए पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिलाएंगे। इसके बावजूद केस हल न होने पर जिम्मेदार अफसरों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

विज ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकना सरकार व पुलिस की प्राथमिकता रहेगी। इसके निर्देश अधिकारियों को दे दिए गए हैं। पुलिस महानिदेशक अपराध पीके अग्रवाल ने विज को बताया है कि पिछले 10 माह के दौरान हरियाणा में बेहतर पुलिसिंग से क्राईम की रफ्तार लगातार घट रही है। साल 2019 के प्रथम 10 माह के दौरान गत वर्ष इसी अवधि की तुलना में अपराध के ग्राफ में 6.2 प्रतिशत की गिरावट आई है।

जहां अपहरण की वारदातें 15.74 प्रतिशत घटी है, वहीं हत्या के प्रयास की घटनाओं में भी 11.22 प्रतिशत की कमी आई है। विज ने निर्देश दिए हैं कि सड़क हादसों में और कमी लाने तथा सुरक्षित सफर के लिए यातायात नियमों को सख्ती से लागू करें। सड़कों पर ज्यादा से ज्यादा ट्रैफिक कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए। अभिभावकों को यह समझाएं कि वे अपने नाबालिग बच्चों को किसी भी प्रकार का वाहन न दें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें