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Inside Story: पंजाब पुलिस-बीएसएफ के ज्वाइंट ऑपरेशन के पीछे अमित शाह... गवर्नर ने गृहमंत्री को दिया था इनपुट

Sat, 06 Aug 2022 10:27 AM IST
निवेदिता वर्मा प्रवीण पाण्डेय, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अमित शाह से कहा कि सुरक्षा सिर्फ पंजाब का मसला नहीं है। यह मसला पूरे देश की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। इसलिए केंद्र और राज्य सरकार मिल कर काम करेगी।
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पंजाब में लगाए गए नाके - फोटो : फाइल
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विस्तार
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15 अगस्त को लेकर पंजाब पुलिस अलर्ट मोड में आ गई है। शुक्रवार को पंजाब के सात सीमांत जिलों में पुलिस ने 100 अस्थायी नाके लगाकर सर्च ऑपरेशन चलाया। इस सर्च अभियान ने 80 के दशक की याद ताजा कर दी। इससे पहले आतंकवाद के दौर में पंजाब पुलिस के साथ सर्च अभियान चलाती थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सूबे में बढ़ती नशा तस्करी और ड्रोन की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए आगे भी सर्च अभियान जारी रहेगा। 

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पंजाब पुलिस के साथ बीएसएफ का ज्वाइंट ऑपरेशन ऐसे ही नहीं चला। पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित और गृह मंत्री अमित शाह की इसमें अहम भूमिका है। पिछले दिनों चंडीगढ़ में नशे और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर हुई बैठक में पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को खरी-खरी सुनाई।

बैठक में राज्यपाल ने कहा कि मैंने आते ही 23 जिलों का दौरा किया और पंजाब के हालात जांचे। मुझे जानकारी मिली कि छह जिलों, अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, फिरोजपुर, फाजिल्का और पठानकोट में हालात ज्यादा खराब हैं। मुझे यहां पंजाब में साढ़े दस माह हुए हैं ओर मेरे देखते ही देखते तीन मुख्य सचिव बदल गए। फिर मुझे लगा कि पुलिस से बात की जाए तो मैंने पाया कि अब तक पांच डीजीपी बदले जा चुके हैं। जब कोई रास्ता नहीं सूझा तो मैंने सोचा कानूनी राय ली जाए। कानूनी राय लेने के लिए एडवोकेट जनरल का पता किया तो वह भी बदल गया। सरकार की अफसरशाही पर पकड़ मजबूत नहीं है। ऐसा करना बहुत जरूरी हो गया है।
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हालांकि बाद में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पूरी शालीनता के साथ अपनी बात अमित शाह के सामने रखी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सिर्फ पंजाब का मसला नहीं है। यह मसला पूरे देश की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। इसलिए केंद्र और राज्य सरकार मिल कर काम करेगी। शाह ने मान की बात के बाद आश्वासन दिया कि पंजाब के लिए जो भी आवश्यकता होगी उसे केंद्र सरकार मुहैया करवाएगी। नारकोटिक्स कंट्रोल के लिए सेंटर बनाने के लिए जमीन राज्य सरकार देगी तो सेंटर भी बना कर दिए जाएंगे। 

पहले हो रहा था बीएसएफ का विरोध

पहले जिस समय पंजाब में बीएसएफ की तैनाती की बात केंद्र सरकार ने की थी तो यहां राजनीतिक जंग छिड़ गई थी। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आश्वासन दिया था कि बीएसएफ पंजाब की सुरक्षा के लिए है, लेकिन राजनीतिक दलों ने मुद्दा यह बनाया कि पंजाब को कश्मीर बनाना चाहते हैं। बीएसएफ घुसी तो पंजाब के लोगों का रहना मुश्किल हो जाएगा। यह भी कहा गया कि पंजाब पुलिस सुरक्षा में सक्षम है। बीएसएफ के आने से पुलिस का मनोबल गिरेगा। अब मान सरकार में यह बीएसएफ और पुलिस का पहला ज्वाइंट ऑपरेशन है।

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