पंजाब पुलिस ने बीते दिन मलेरकोटला के गांव हथोआ के गुरुद्वारा साहिब में घटी घटना को हल करते हुए खुलासा किया कि घटना आग लगने से हुई थी। गुरुद्वारा साहिब में अचानक आग लग गई थी, जिसके बाद अपनी नौकरी और कोताही के लिए ज़िम्मेदार ठहराए जाने के डर से ग्रंथी सिंह ने झूठी कहानी गढ़ दी।
यह मामला चंडीगढ़, लुधियाना और संगरूर की फोरेंसिक विशेषज्ञ टीमों के साझे प्रयास से हल हुआ, जिसमें पंजाब पुलिस द्वारा मुंबई से गोपाल रेलकर के नेतृत्व में बुलाई विशेषज्ञों की टीम का भी अपेक्षित सहयोग लिया। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पटियाला रेंज के आईजी एएस राय और संगरूर के ज़िला पुलिस प्रमुख संदीप गर्ग के नेतृत्व में टीमों द्वारा किए गए काम की सराहना की।
डीजीपी दिनकर गुप्ता इन टीमों द्वारा की जा रही जांच की निगरानी के साथ-साथ मौके का लगातार जायज़ा ले रहे थे। कैप्टन ने रिकार्ड समय में मामला हल करने के लिए पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मामले राज्य में सांप्रदायिक तनाव पैदा कर सकते हैं।