अमृतसर में श्री गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब के अमृतसर में पवित्र ग्रंथ की बेअदबी का मामला सामने आया है। रूमाला साहिब के साथ-साथ 11 पन्ने जला दिए गए। अमृतसर के गांव जहांगीर में शनिवार शाम कुछ शरारती तत्वों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप को आग लगा दी।
मामले की सूचना मिलते ही इलाके में रोष फैल गया। खबर मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। उधर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने घटना की निंदा की है।
उन्होंने कहा कि पहले भी कई बार सभी गुरुद्वारों की प्रबंधक कमेटियों को समाचारों एवं विज्ञापनों से अपील की जा चुकी है कि गुरुद्वारा साहिब को किसी समय भी अकेला न छोड़ा जाए व रात दिन गुरुद्वारा साहिब में ग्रंथी सिंह या कोई सेवादार मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद लापरवाही बरती जा रही है।
खबर मिलते ही कैबिनेट मंत्री रणिके भी पहुंचे
अमृतसर में श्री गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी
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मिली जानकारी के अनुसर, गांव जहांगीर के गुरुद्वारा साहिब में शनिवार शाम न तो कोई ग्रंथी मौजूद था न सेवादार और न ही गुरुद्वारा कमेटी का प्रबंधक वहां मौजूद था। जब गुरुद्वारा साहिब का ग्रंथी रात के समय सुख आसन के लिए आया तो उसने पावन स्वरूप के पन्ने झुलसे देखे।
सूचना मिलते ही गुरुद्वारा नानकसर वेरका के मैनेजर बलजीत सिंह, गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथी भाई जतिंदर सिंह, हेड प्रचारक भाई जगदेव सिंह, प्रचारक भाई गुरमीत सिंह एवं अन्य स्टाफ पहुंचे।
उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का स्वरूप गुरु मर्यादा अनुसार गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब में पहुंचा दिया। कैबिनेट मंत्री गुलजार सिंह रणिके ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। गांव के सरपंच जगतार सिंह की ओर से थाना जहांगीर में शिकायत दर्ज करवा दी गई है।