हरियाणा के सरकारी व निजी स्कूलों में एक से 30 जून तक ग्रीष्मावकाश रहेगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने छुट्टियों का आदेश जारी कर दिया है। एक जुलाई से स्कूल दोबारा खुलेंगे। सेकेंडरी शिक्षा महानिदेशक ने सभी जिला शिक्षा व मौलिक शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा व मौलिक शिक्षा अधिकारियों, स्कूल मुखिया और प्रभारी को निर्देश जारी किया है।
निजी स्कूलों को भी आदेश मानने होंगे। अवकाश के दौरान कक्षाएं लगाने पर निजी स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। निदेशक ने ग्रीष्मावकाश के पत्र में साफ कर दिया है कि अधिकारियों को निजी स्कूलों पर भी आदेश लागू कराने होंगे। सरकारी स्कूलों के 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी। सरकार ने दोनों कक्षाओं के पांच लाख विद्यार्थियों को मुफ्त टैबलेट दिए हैं। शिक्षक इसका विरोध करते हुए पढ़ाई कराने के एवज में एक महीने का अर्जित अवकाश मांग रहे हैं।
मूक-बधिर बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों को 13 महीने से वेतन नहीं
हरियाणा में एनजीओ के अधीन मूक-बधिर बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों को 13 महीने से वेतन नहीं मिला है। कहीं भी सुनवाई न होने पर मामला राज्य मानवाधिकार आयोग में पहुंचा है। आयोग ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग व सोनीपत के डीसी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पंचकूला जिला प्रशासन को भी ऐसे ही मामले में नोटिस जारी हुआ है।
हरियाणा में आठ संस्थाएं मूक-बधिर बच्चों के लिए काम कर रही हैं। सोनीपत की जिस एनजीओ के शिक्षकों को वेतन नहीं मिल रहा, उसके अध्यक्ष राज्यपाल और उपाध्यक्ष मुख्यमंत्री मनोहर लाल हैं। आयोग की टीम ने अपने दौरे के दौरान भी मूक-बधिरों के अलावा अनाथ बच्चों, बुजुर्गों के लिए काम करने वाली संस्थाओं के निरीक्षण में कुछ खामियां मिली हैं।
मानवाधिकार आयोग के सदस्य दीप भाटिया का कहना है कि एनजीओ को अपने काम पर थोड़ा और ध्यान देने की जरूरत है। वेतन नहीं मिलने की शिकायत आई थी। मामला मानवता से जुड़ा होने के चलते आयोग की ओर से कार्रवाई की गई। चेयरमैन एसके मित्तल ने जमीनी स्तर पर स्थिति का आकलन करने का निर्देश दिया है। डीसी व विभाग से नोटिस का जवाब आने पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।