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HMT ने कर्मचारियों के खास मकसद के लिए चस्पा किया नोटिस

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एचएमटी
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शनिवार को एचएमटी कंपनी मैनेजमेंट ने नोटिस बोर्ड पर वीआरएस से संबंधित नोटिस चस्पा कर दिया। गौरतलब है कि 27 अक्तूबर को केंद्र सरकार ने एचएमटी कंपनी की ट्रैक्टर यूनिट को बंद करने का फैसला लिया था। 
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इसके तहत इच्छुक कर्मचारी वीआरएस ले सकते हैं। वीआरएस लेने के इच्छुक कर्मचारियों को 5 दिसंबर तक एप्लाई करना होगा।

कर्मचारियों ने कहा कि नेताओं के वादे निकले झूठे
कर्मचारियों ने कहा कि नेताओं के झूठे वादों ने कंपनी को तबाह कर दिया। नेताओं के झूठे आश्वासनों का नतीजा है कि कंपनी की ट्रैक्टर यूनिट बंद होने जा रही है। कर्मचारियों ने कहा नेताओं द्वारा कर्मचारियों को कंपनी चलाने को लेकर दिए अश्वासन और वादे सब झूठे साबित हुए।
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'दो साल से सैलरी जानबूझ कर नहीं दी'

HMT - फोटो : File Photo
कांग्रेसी नेता और स्थानीय निवासी नरेश मान ने कहा कि बीजेपी सरकार ने सोची समझी नीति के तहत कर्मचारियों को दो साल से सैलरी नहीं दी, क्योंकि सरकार को पता था कि आर्थिक रूप से कमजोर होने पर कर्मचारी वीआरएस ले कर कंपनी छोड़ देंगे और कंपनी को बंद करने के दौरान सरकार को लोगों के रोष का सामना नहीं करना पड़ेगा।

वहीं, पूर्व पार्षद जगमोहन धीमान  ने दावा किया कि स्थानीय नेताओं को एचएमटी बंद करने के लिए केंद्र में चल रही कार्रवाई का शुरू से ही पता था। इसके बावजूद स्थानीय बीजेपी नेता एचएमटी कर्मचारियों और स्थानीय जनता को भ्रमित करने के लिए कंपनी चलाने के झूठे वादे करते रहे। 

जगमोहन धीमान ने कहा कि यह कैसे संभव है कि स्थानीय विधायक और सांसद को पता ही न हो कि केंद्र में कंपनी को बंद करने की प्रक्रिया चल रही है, जबकि केंद्र और प्रदेश यहां तक कि कालका हलका में बीजेपी सरकार है। कंपनी को बंद करने के पीछे बीजेपी सरकार की कंपनी की कई एकड़ जमीन हड़प कर पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाना है।
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