एचएमटी कंपनी के ट्रैक्टर यूनिट मे कार्यरत कर्मचारियों को वीआरएस से संबंधित नोटिस जारी कर दिया गया है। वीआरएस लेने से कर्मचारियों को फायदा कम और नुकसान ज्यादा होगा। ऐसी स्थिति में यदि कर्मचारी वीआरएस नहीं लेते हैं तो उन्हें वीएसएस स्कीम के तहत कंपनी से बाहर का रास्ता दिखा जाएगा।
इसके अलावा यदि कर्मचारी वीआरएस लेते हैं तो स्कीम का फायदा कम और नुकसान ज्यादा होगा। वीआरएस लेने से उन्हें कई भत्ते नहीं मिलेंगे। केंद्रीय सरकार ने पिंजौर स्थित एचएमटी कंपनी के ट्रैक्टर यूनिट को बंद करने का निर्णय लेने के बाद वीआरएस से संबंधित स्कीम का नोटिस जारी कर दिया गया था।
वीआरएस स्कीम के तहत जो कर्मचारियों 30 ज्यादा नौकरी कर चुका है उसे अधिकतम 5 साल शेष बची सर्विस का फायदा ही मिलेगा। इसका मतलब हुआ कि जिसकी सर्विस 5 साल से अधिक बची है, उन्हें सीधे तौर पर 5 साल का ही फायदा दिया जाएगा।
पांच साल से ज्यादा शेष बची सर्विस का कोई फायदा नहीं मिलेगा। इस स्कीम के तहत उन कर्मचारियों को सबसे ज्यादा नुकसान होगा, जिनकी सर्विस को अभी 30 साल पूरे नहीं हुए हैं।