केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाना एयर ट्रैफिक, एयरलाइन की डिमांड, एयर स्पेशल एग्रीमेंट, ग्राउंड लैंडिंग फैसिलिटी, रनवे की लंबाई, इमीग्रेशन, हेल्थ एंड एनीमल सर्विस पर निर्भर करता है। फिलहाल ऐसी संभावना नहीं है।
महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डा अभी अंतरराष्ट्रीय नहीं बनेगा। इससे हरियाणा को झटका लगा है। संसद में हिसार से भाजपा सांसद बृजेंद्र सिंह के सवाल पर केंद्रीय उड्डयन राज्यमंत्री वीके सिंह ने जवाब दिया कि हिसार से फिलहाल अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। सांसद ने पूछा कि उड़ान स्कीम के तहत हिसार से कितने रूट शुरू किए।
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केंद्रीय मंत्री ने बताया कि चंडीगढ़ रूट 14 जनवरी 2021 को शुरू किया गया था। इसके बाद हिसार से देहरादून के लिए 2 फरवरी 2021 को रूट शुरू किया गया। थ्री सीटर एयरलाइन भी शुरू की गई थी। मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाना एयर ट्रैफिक, एयरलाइन की डिमांड, एयर स्पेशल एग्रीमेंट, ग्राउंड लैंडिंग फैसिलिटी, रनवे की लंबाई, इमीग्रेशन, हेल्थ एंड एनीमल सर्विस पर निर्भर करता है। फिलहाल ऐसी संभावना नहीं है।
यहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा ही बनेगा। इसी सोच के साथ इनका निर्माण किया जा रहा है। धीरे-धीरे उन सभी मानकों को पूरा किया जा रहा है, जो एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डे के लिए जरूरी होते हैं। संसद में जो जवाब दिया गया है, वह अभी के आंकड़ों के आधार पर दिया गया है। - डॉ. कमल गुप्ता, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री, हरियाणा सरकार।
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एक नजर में हिसार एयरपोर्ट
7200 एकड़ जमीन सिविल एविएशन को ट्रांसफर की जा चुकी।
अनुमानित खर्च बढ़कर 245.15 करोड़ रुपये हो गया है।
दूसरे चरण की डेडलाइन बढ़ाकर 31 मार्च 2023 कर दी गई, पहले अक्तूबर 2022 थी।
रनवे की लंबाई 10 हजार फीट करने, नाइट लैंडिंग फैसिलिटी, हैंगर बनाने, चहारदीवारी का निर्माण चल रहा है।