हिंदी दिवस के मौके पर आयोजित वेबिनार
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आओ गाएं हिंदी गान, राष्ट्र धर्म की है पहचान.. जैसे ही मातृभाषा हिंदी का गौरव गान करते हुए डॉ. प्रतिभा माही ने अपनी रचना सुनाई सभी देशप्रेम से ओतप्रोत हो गए। मौका था उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार) द्वारा हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर ‘द्वितीय हरियाणा कवि सम्मेलन’ के आयोजन का। यह कार्यक्रम गूगल मीट एप के माध्यम से किया गया।
‘भारत का अभिमान है हिंदी’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में हरियाणा के दस जाने माने प्रसिद्ध साहित्यकारों ने हिंदी के गौरव गान पर अपनी-अपनी रचनाएं सुनाकर सभी को भावविभोर कर दिया। डॉ. प्रतिभा माही ने कार्यक्रम की अध्यक्षता और इसका संचालन नीलम त्रिखा ने किया। नीलम त्रिखा ने अपनी रचना में ‘बलिहारी जाऊं तुम हाथ हिंदी हमारी है.. सुनाकर सबका दिल जीत लिया।
शीला गहलावत सीरत ने प्रथम गुरु मां, जिसने मुझे जन्म दिया.., नीरू मित्तल नीर ने हिंदी ही मान है सम्मान है और बालकृष्ण गुप्ता ने मैं ऋणी हूं राजभाषा हिंदी का.. सुनाकर वाहवाही लूटी। जयभगवान सिंगला ने ‘आज खुशियों वाला दिन आया’, आभा मुकेश साहनी ने ‘आज मुझसे हिंदी में एक सवाल जो किया’ प्रद्युमन भल्ला ने ‘कहने को आसान है हिंदी’, भारत भूषण वर्मा ने ‘हिंदी भाषा की महानता’ और देवदत्त ने ‘भारत का गौरव गान है हिंदी’ सुनाया।
उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के निदेशक प्रोफेसर सौभाग्य वर्द्धन ने ‘भारत का अभिमान है हिंदी, हम सब की पहचान है हिंदी सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। प्रोफेसर सौभाग्य वर्द्धन ने बताया हर महीने के दूसरे रविवार को हरियाणा के साहित्यकारों के लिए अलग-अलग विषयों पर ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का आयोजन किया जाता है। इस महीने की काव्य गोष्ठी हिंदी उत्सव के रूप में मनाई गई।