चंडीगढ़। सेक्टर-37 के सामुदायिक केंद्र का दुरुपयोग करने के मामले में नगर निगम ने द हिमालयन ट्रस्ट क्लब को 94236 रुपये का नोटिस जारी किया है। निगम ने यह राशि 47118 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जोड़ी है। आयुक्त आनिंदिता मित्रा का कहना है कि जिस दस्तावेज पर संस्था को अनुमति दी गई थी, उसमें 14 और 15 मई का ही उल्लेख है, इसलिए संस्था पर दो दिन का ही जुर्माना लगाया गया है।
आयुक्त ने मामले की जांच की जिम्मेदारी संयुक्त आयुक्त रोहित गुप्ता का सौंपी थी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर पता चला कि फाइल न आयुक्त के पास पहुंची और न संयुक्त आयुक्त के पास। इसके बाद आयुक्त ने धोखाधड़ी के आरोप में द हिमालय ट्रस्ट क्लब को दो दिन का जुर्माना भरने का नोटिस जारी कर दिया। तय समय सीमा में जुर्माना न भरने पर ब्याज लगाया जाएगा। ज्ञात हो कि सेक्टर-37 के सामुदायिक केंद्र में संस्था की ओर से स्वास्थ्य शिविर की अनुमति लेकर डांस कार्यशाला चलाई जा रही थी। इस पूरे प्रकरण को अमर उजाला ने 18 मई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
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स्वास्थ्य विभाग का पत्र होने पर ही मिलेगी स्वास्थ्य शिविर की अनुमति
आयुक्त ने ऐसे फर्जीवाड़े रोकने के लिए नई व्यवस्था शुरू की है। अब स्वास्थ्य शिविर के लिए किसी भी संस्था या व्यक्ति को स्वास्थ्य विभाग की ओर से अनुमति पत्र लेकर आना होगा। वहीं, शिविर में आने वाले डॉक्टरों का भी ब्योरा देना होगा। आयुक्त का कहना है कि जगह उपलब्ध कराना निगम का काम है लेकिन जिस गतिविधि के लिए जगह ली गई है, वह कार्य हो रहा है या नहीं इसकी चेकिंग की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की है। स्वास्थ्य विभाग का पत्र होगा तो वहां भी शिविर की जानकारी मिल जाएगी।
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यह था मामला
हिमालयन क्लब ट्रस्ट की ओर से मेयर सरबजीत कौर को एक पत्र देकर सेक्टर-37 के सामुदायिक केंद्र में चार दिनों तक दंत चिकित्सा शिविर और डांस कार्यशाला का आयोजन करने के लिए कहा गया था। संस्था ने पत्र में लिखा था कि डांस कार्यशाला के माध्यम से जो धनराशि जुटाई जाएगी, वह सामाजिक कार्यों में खर्च की जाएगी। मेयर ने 14 और 15 मई की अनुमति देते हुए नियमानुसार इस पर आगे की कार्यवाही करने को कहा। बुकिंग ब्रांच ने मेयर की अनुशंसा देखकर 100 रुपये प्रतिदिन के किराए पर कार्यक्रम की अनुमति दे दी। जांच में पता चला कि संस्था हॉल का दुरुपयोग कर रही है। इसके बाद यह जुर्माना लगाया गया है।