हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी के भतीजे आकांक्ष सेन की हत्या के मामले में वीरवार को जिला अदालत में सुनवाई हुई। मामले के चौथे गवाह गगनदीप सिंह उर्फ शेरा ने अपनी गवाही में कहा कि आकांक्ष की हत्या से कुछ साल पहले वह हरमहताब सिंह उर्फ फरीद के साथ मनाली घूमने गया था। इस दौरान उसके स्पीकर और ब्लूटूथ हरमहताब के पास छूट गए थे लेकिन वह उन्हें लौटा नहीं रहा था। इस बात पर उनके बीच हुई हाथापाई में गगनदीप सिंह उर्फ शेरा का हाथ हरमहताब की नाक पर लगने से खून बहने लगा था।
इसके बाद वह चंडीगढ़ लौट आए थे लेकिन हरमहताब उससे रंजिश पाले बैठा था। फिर एक दिन हरमहताब ने उसे लांडरा स्थित एक फार्महाउस पर बुलाया, जहां पहले से वह अपने दोस्तों के साथ बैठा था। गगनदीप ने बताया कि जब वह फार्महाउस पर पहुंचा तो हरमहताब ने पहले तो उसे खंभे से बांधकर पीटा फिर उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें खींचकर उनके कॉमन फ्रेंड्स को व्हाट्स एप पर शेयर कर दीं। वीरवार को गवाही पूरी न होने के चलते अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी।
क्या था मामला
मामले का मुख्य आरोपी बलराज सिंह रंधावा फरार चल रहा है और अदालत उसे भगौड़ा करार दे चुकी है। आकांक्ष ने सेक्टर-9 स्थित कैफे एवं डिस्को में भाई अदम्य, करण और राजन सहित पार्टी आयोजित की थी। रात करीब 12 बजे उन्होंने डिस्को बंद कर दिया था। फिर आकांक्ष अपने दोस्त दीप संधू के पास सेक्टर-9 स्थित कोठी नंबर-165में पार्टी के लिए चला गया था। वहां पर दीप संधू, शेरा, बलराज सिंह रंधावा और हरमहताब सिंह उर्फ फरीद शराब पी रहे थे। शेरा और हरमहताब सिंह में बहस हो गई। करीब तीन बजे अदम्य राठौर, आकांक्ष, करण और राजन वहां से सेक्टर-18 स्थित राजन की कोठी में चले गए।
आकांक्ष ने साथियों को सेक्टर-9 में शेरा की जानकारी लेने को कहा। गाड़ी में सवार होकर आकांक्ष, अदम्य, करण और राजन सेक्टर-9 पहुंचे। आकांक्ष अभी कोठी की घंटी बजाने ही वाला था कि शेरा, हरमहताब सिंह, बलराज सिंह रंधावा कोठी से बाहर आए। यहां उनकी फिर से आकांक्ष से बहस हो गई। इसके बाद बलराज सिंह ने बीएमडब्ल्यू से आकांक्ष को कुचल दिया। बाद में दोनों आरोपी फरार हो गए थे। अदम्य, राजन और शेरा ने आकांक्ष को पीजीआई में दाखिल कराया, जहां उसकी मौत हो गई थी।