कॉलेज की महिला प्रोफेसर को चाइल्ड केयर लीव देने को लेकर एक नियमावली जारी की गई है, जिसके मुताबिक लीव से लौटने के बाद नए सिरे से पोस्टिंग दी जाएगी। हरियाणा उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने इससे संबंधित सर्कुलर राज्य के सभी सरकारी कॉलेजों के प्राचार्य को जारी किया है।
विभाग के डिप्टी डायरेक्टर द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया है कि प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में पढ़ाने वाली महिला प्रोफेसर अगर एक महीने से ज्यादा अवधि के लिए ‘चाइल्ड केयर लीव’ लेती हैं, तो लीव पूरी होने के बाद उनको पंचकूला निदेशालय में ज्वॉइन करना होगा। फिर उनको नए सिरे से पोस्टिंग दी जाएगी।
यही नहीं उन प्रोफेसर का पद ‘चाइल्ड केयर लीव’ के दौरान स्थानांतरण व प्रतिनियुक्ति के लिए रिक्त भी माना जाएगा। हरियाणा सरकार ने सिविल सेवाएं (लीव) नियम, 2016 में परिकल्पित प्रावधान के अनुरूप 18 वर्ष से कम आयु के नाबालिग बच्चे वाली सरकारी महिला कर्मचारियों को उनकी सेवा अवधि के दौरान 730 दिनों की अधिकतम अवधि के लिए चाइल्ड केयर लीव दी जा सकती है।
चाहे लीव बच्चों के पालन-पोषण के लिए हो या उनकी परीक्षा या बीमारी में देखभाल की जरूरत आदि से संबंधित हो।