पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के ताजा फैसले से हरियाणा के कर्मचारियों को तगड़ा झटका लगा है। याचिकाएं कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा 60 साल से घटाकर 58 साल किए जाने के मौजूदा सरकार के फैसले के खिलाफ दायर की गई थीं।
सरकार के फैसले के विरोध में 32 याचिकाएं दायर की गई थीं। जस्टिस टीएस ढींढसा ने सभी पक्षों को सुनने के बाद आज सभी याचिकाएं खारिज कर दीं।
गौरतलब है कि हरियाणा की हुड्डा सरकार ने तृतीय दर्जा कर्मचारियों का सेवाकाल 58 से बढ़ाकर 60 साल और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का सेवाकाल 60 से बढ़ाकर 62 साल किया था।
खट्टर सरकार की कैबिनेट में हुड़्डा सरकार का फैसला रद्द कर सेवानिवृत्ति की आयु सीमा कम कर दी गई थी। याचिकाओं में इस फैसले को केवल राजनीति से प्रेरित करार दिया गया था और खट्टर सरकार के फैसले को रद्द करने की मांग की गई थी।