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हाईकोर्ट के निर्देश ने बढ़ाईं सेलवेल की मुश्किलें

Thu, 08 May 2014 12:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हाईकोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद भी सेलवेल कंपनी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मंगलवार की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कंपनी को आदेश दिए थे कि उन्हें 12 मई तक सभी टॉयलेट ब्लॉक नगर निगम को हैंडओवर करने हैं।
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वो भी उसी कंडिशन में जिसमें 2007 में निगम से लिए थे। 12 मई को 4 दिन बचे हैं और अधिकतर टॉयलेट ब्लॉक की हालत खस्ता है। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या इन 4 दिनों में 86 टॉयलेट ब्लॉक की रेनोवेशन हो सकेगी।

दरअसल 2007 में नगर निगम ने सभी टॉयलेट ब्लॉक लगभग साढ़े 4 करोड़ रुपये से रेनोवेट करवाकर सेलवेल कंपनी को सौंपे थे। इनमें नए टैप, हैंड ड्रायर्स, सेंसर्स, नई टॉयलेट शीट्स, टाइल्स, एक्जॉस्ट फैन आदि लगवाए गए थे।
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अब इनमें से ज्यादातर की हालत बेहद खस्ता हो चुकी है। दूसरी ओर सीबीआई ने भी निगम से सवाल पूछा था कि टॉयलेट ब्लॉक की रेनोवेशन कितना खर्चा हुआ था।

तो नगर निगम नहीं लौटाएगा बकाया
हाईकोर्ट ने नगर निगम को 1 अप्रैल से 12 मई तक कंपनी का उसका भुगतान करने के आदेश दिए थे। नगर निगम कंपनी को हर टॉयलेट ब्लॉक के लिए 12,884 रुपये प्रतिमाह दे रहा था। इस तरह निगम को कंपनी को करीब 11 लाख रुपये देने हैं। वहीं नगर निगम के पास कंपनी की करीब 92 लाख रुपये अर्नेस्ट मनी भी जमा है।

निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यदि कंपनी ने टॉयलेट ब्लॉक सही हालत में निगम को हैंडओवर नहीं किए तो जो खर्चा होगा उनके बकाये में से काट लिया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि ऐसी स्थिति में कंपनी की अर्नेस्ट मनी भी वापस नहीं लौटाई जाएगी।

निगम ने उलटा वसूलने हैं करोड़ों
वहीं दूसरी ओर निगम ने अभी कंपनी से करोड़ों रुपये विज्ञापन शुल्क के लेने भी हैं। कंपनी ने कई सालों तक नगर निगम को विज्ञापन शुल्क जमा नहीं करवाया था। इस मामले में सीबीआई जांच भी चल रही है।

सीबीआई जांच शुरू होने के बाद नगर निगम ने सख्ती बरतते हुए कंपनी को 1.21 करोड़, 98 लाख और 31 लाख रुपये जमा करवाने के नोटिस जारी किए। इनमें से 6 लाख रुपये कंपनी ने जमा करवा दिए थे।

कोट्स
अगर कंपनी 12 मई तक टॉयलेट ब्लॉक सही हालत में वापस नहीं करती है तो उसकी अर्नेस्ट मनी और बाकी का बकाया रोक लिया जाए। अगर फिर भी अमाउंट ज्यादा बनता है तो उसकी भी रिकवरी होनी चाहिए।
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सतिंदर सिंह, पार्षद 
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