पंजाब सरकार की ओर से विभिन्न मदों में खर्च पर उठा सवाल आखिरकार इस स्थिति तक पहुंच गया कि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को प्रदेश सरकार को निर्देश जारी कर राज्य की वित्तीय स्थिति की जानकारी देने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 15 फरवरी को तय की गई है।
मुदगिल फैशन एक्सपोर्ट कंपनी की तरफ से दायर याचिका में कहा गया है कि पंजाब सरकार ने 1996 में आधुनिकीकरण की स्कीम शुरू की थी, जिसके तहत लघु उद्योगों को पांच करोड़ रुपये सब्सिडी के रूप में देने का प्रावधान रखा गया था, लेकिन पंजाब सरकार ने आज तक यह राशि जारी नहीं की।
इस याचिका पर पंजाब सरकार द्वारा जवाब दायर कर बताया गया कि फंड की कमी के चलते वह सब्सिडी की राशि उपलब्ध नहीं करवा पा रहे। इसी बीच, राज्य सरकार ने लोगों को मुफ्त तीर्थयात्रा कराने की योजना लांच कर दी, जिसके लिए सरकार ने आईआरसीटीसी से करार किया था।
याचियों की ओर से मामले की सुनवाई के दौरान अदालत का ध्यान इस ओर आकर्षित करने पर जस्टिस राजेश बिंदल ने पिछली सुनवाई पर तल्ख टिप्पणी की थी कि सरकार के पास फंड नहीं है तो फिर मुफ्त तीर्थ यात्रा कैसे करवाई जा रही है। अदालत ने इसके साथ ही यात्रा पर किए जा रहे खर्च का ब्योरा भी तलब कर लिया गया था।
20 जनवरी को इस मामले की सुनवाई पर सरकार की ओर से मुख्य सचिव सर्वेश कौशल ने जवाब दाखिल करते हुए बताया कि सरकार ने वर्ष 2015-16 के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा स्कीम को लेकर 46.50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त योजनागत बजट उपलब्ध कराया है।
इसके साथ ही, मुख्य सचिव ने यह भी स्पष्ट किया था कि राज्य को उद्योगों को दी जाने वाली सब्सिडी की राशि की अदायगी को सरकार ने मंजूरी दे दी है और अगले एक महीने में सब्सिडी का राशि वितरित कर दी जाएगी।
इस पर जस्टिस बिंदल ने सवाल उठाया था कि यदि इंडस्ट्री के लिए राशि स्वीकृत हो चुकी है तो इसके वितरण में एक माह का समय नहीं लिया जाना चाहिए। अदालत ने प्रदेश सरकार को 29 जनवरी तक सब्सिडी का पूरा पैसा ब्याज सहित अदा करने के निर्देश दिए थे।
इसके साथ ही अदालत ने मुख्य सचिव से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि वित्त वर्ष के अंतिम महीनों में योजनागत खर्च के लिए रकम कहां से निकाली गई है, वह भी ऐसे हालात में जब राज्य अपने नियमित भुगतान करने में भी असमर्थ है। सोमवार को अदालत ने सब्सिडी की राशि रिलीज नहीं किए जाने पर सरकार को राज्य की वित्तीय स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश जारी किए।