पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मैरिज रजिस्ट्रेशन को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि परिवार के इच्छा के खिलाफ प्रेम विवाह करने वाले जोड़ों के लिए मैरिज रजिस्ट्रेशन कराते समय माता पिता की उपस्थिति कोई जरूरी नहीं होगी।
एक मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि बालिग जोड़ों को अपनी मैरिज रजिस्टर्ड कराने का पूरा अधिकार है और इसके लिए माता पिता की उपस्थिति की शर्त को सही नहीं ठहराया जा सकता।