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मैरिज रजिस्ट्रेशन पर हाइकोर्ट का अहम फैसला

Thu, 19 Jun 2014 12:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मैरिज रजिस्ट्रेशन को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि परिवार के इच्छा के खिलाफ प्रेम विवाह करने वाले जोड़ों के लिए मैरिज रजिस्ट्रेशन कराते समय माता पिता की उपस्थिति कोई जरूरी नहीं होगी।
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एक मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि बालिग जोड़ों को अपनी मैरिज रजिस्टर्ड कराने का पूरा अधिकार है और इसके लिए माता पिता की उपस्थिति की शर्त को सही नहीं ठहराया जा सकता।
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पेरेंट्स की मौजूदगी जरूरी नहीं

जस्टिस ऋतु बाहरी ने फैसले में कहा कि शादी रजिस्टर्ड कराने वाले अधिकारी यदि माता-पिता की उपस्थिति की शर्त लगाते हैं तो यह उनकी ड्यूटी में कोताही होगी। जोड़े की तरफ से याचिका दायर कर कहा गया कि उन्होंने परिवार की इच्छा के खिलाफ सिख रीति रिवाज से वर्ष 2004 में शादी की थी। इसके बाद उन्होंने अपनी शादी को रजिस्टर्ड कराना चाहा तो मैरिज रजिस्ट्रार कम तहसीलदार ने शर्त रखी कि उनके माता पिता की उपस्थिति में शादी रजिस्टर्ड की जाएगी।
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