अतिक्रमण और बेनामी संपित्त्ा को लेकर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रॉपर्टी की जानकारी ऑनलाइन करने को कहा है। जिसका यूजरनेम और पासवर्ड प्रॉपर्टी के मालिक के पास होना जरुरी है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अवैध कब्जों, बेनामी संपत्ति और भू-माफिया को लेकर अहम आदेश जारी करते हुए हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ की सभी प्रॉपर्टी का ब्यौरा ऑनलाइन करने के आदेश दिए हैं।
एक पत्र पर संज्ञान लेकर हाईकोर्ट ने इस दिशा में अहम आदेश दिए हैं, जिससे हर तरह की प्रॉपर्टी पर नजर रखना आसान हो जाएगा। हाईकोर्ट ने हरियाणा, पंजाब और यूटी प्रशासन को आदेश जारी कर टिप्पणी की कि लोगों की खून-पसीने की कमाई से बनाई गई संपत्ति को कब्जों से बचाने के लिए अभी तक कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा और इस मामले में हाईकोर्ट निगरानी करेगा कि यह कार्य पूरा हो।
हाईकोर्ट ने कहा कि रिकार्ड को सही तरीके से अपडेट करने की जरूरत है, जिससे प्रॉपर्टी के मालिकों को भी इससे जुड़ी ट्रांजेक्शन की जानकारी ऑनलाइन ही उपलब्ध हो सके। रिकार्ड को डिजिटलाइज व ऑनलाइन करने की जरूरत बताते हुए अदालत ने कहा कि इसका सबसे ज्यादा फायदा एनआरआई को मिलेगा क्योंकि वे अपनी संपत्ति से बेहद दूर हैं और अक्सर वापस आने पर पता चलता है कि संपत्ति पर कब्जा हो गया है या इसे बेचा जा चुका है।
ऐसे में एक ठोस प्रणाली बनाने की जरूरत है, जिससे उन्हें उनकी संपत्ति के रिकार्ड से जुड़ा एक्सेस दिया जा सके। ऐसा केवल तभी हो सकता है जब इस रिकार्ड को डिजिटल कर ऑनलाइन किया जाए।