पंजाब में इस वक्त एक नई सियासत शुरु हो गई है, ये सियासत खालिस्तान के नाम की है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अप्रैल के आखिरी दिनों में भारत और अमृतसर आ रहे कैनेडियन रक्षा मंत्री हरजीत सिंह सज्जन से नहीं मिलने की बात कही है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कनाडा के रक्षा मंत्री से न मिलने का फैसला लेने पर राजनीतिक व धार्मिक जत्थेबंदियों की ओर से किए जा रहे दुष्प्रचार की कड़ी आलोचना की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रंबधक कमेटी, शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी की प्रतिक्रिया यह सिद्ध करती है कि ये जत्थेबंदियां राष्ट्रीय गौरव की भावना से रहित हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार खालिस्तान समर्थकों और भारत विरोधी तत्वों से जुड़े लोगों की गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रख रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा मूल्याकंन और फैसले इन रिपोर्टों पर ही आधारित हैं। उन्होंने कहा कि हरजीत सिंह सज्जन की इस महीने की प्रस्तावित भारत यात्रा के दौरान सुरक्षा और प्रोटोकोल के अनुसार उचित बंदोबस्त करने को वे तैयार हैं, लेकिन कनाडा के मंत्री को मिलने का तो प्रश्र ही पैदा नहीं होता।
सज्जन सिंह के लिए नहीं करेंगे खास इंतजाम
कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : फाइल फोटो
कैप्टन ने कहा कि हरजीत सिंह सज्जन के पंजाब आने के अवसर पर सुरक्षा व प्रोटोकोल के अनुसार प्रबंध किए जाएंगे, जैसे भारतीय रक्षा मंत्री के कनाडा जाने के अवसर पर किए जाते है। मुख्यमंत्री ने कहा हरजीत सज्जन के खिलाफ खतरे की आशंका को मद्देनजर रखते हुए यह प्रंबध न तो अधिक होंगे और न ही कम होंगे।
कैप्टन ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से उनके स्टैंड की आलोचना करने पर कमेटी पर तीखी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि सिखों के हितों और सिख धर्म के मूल्यों की पहरेदार होने का दावा करती शिरोमणि कमेटी भूल चुकी है कि उनके नेताओं के साथ कनाडा के गर्मदलों ने क्या सलूक किया था। उन्होंने कहा कि इस मुददे पर उनके सैद्धांतिक स्टैंड की आलोचना करने वाले लोग दरअसल खालिस्तानी समर्थकों को प्रोत्साहन देकर सिख आंतकवाद के सिर उठाने का मौका दे रहे हैं।
अमरिंदर ने सज्जन को बताया खालिस्तानी हमदर्द
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कनाडा के रक्षामंत्री हरजीत सज्जन को खालिस्तानी हमदर्द बताते हुए बुधवार को कहा था कि वह उनके (सज्जन के) प्रस्तावित भारत दौरे के दौरान उनसे मुलाकात नहीं करेंगे। मुख्यमंत्री ने एक बयान में हरजीत सज्जन पर आरोप लगाया था कि वह और उनके पिता दोनों ही खालिस्तानी समर्थक हैं। अमरिंदर सिंह ने दावा किया कि जस्टिन ट्रुडो की सरकार में ऐसे पांच मंत्री हैं, जो खालिस्तान समर्थक हैं और मेरा उनमें से किसी से भी संपर्क रखने का इरादा नहीं है।
उदारवादी सिख लिबरल पार्टी के साथ नहीं : राणा
पंजाब के विद्युत व सिंचाई मंत्री और सीनियर कांग्रेसी नेता राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि कनाडा में कई उदारवादी सिखों ने हाल ही में जस्टिन ट्रुडो की लिबरल पार्टी से यह दोष लगाते हुए किनारा कर लिया है कि इस पार्टी पर वर्ल्ड सिख आर्गेनाइजेशन काबिज हो गई है, जिसका खालिस्तानियों के प्रति झुकाव है। उन्होंने कहा कि हरजीत सज्जन के पिता कुंदन सज्जन इस आर्गेनाइजेशन के सीनियर सदस्य हैं और कनाडा का मीडिया ट्रुडो की कैबिनेट और उसकी पार्टी के सदस्यों के गर्म दलों के प्रति झुकाव का उदारवादी सिखों द्वारा विरोध किए जाने की बात समय-समय पर उजागर करता रहा है।